
आवां. जल संकट से जूझती महिलाओं ने खाली मटके लेकर जलदाय विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर मीठे पानी की मांग की है। सरपंच राधेश्याम चन्देल ने महिलाओं को समझाकर बीसलपुर का पानी उपलब्ध कराने के लिए चल रही उच्च स्तरीय कार्रवाई की जानकारी दे मामले को शान्त कराया।
मोनिका, नितेश, निर्मला, बदरी, रेणू, राजकुमारी, पद्मा , आरती, पूजा, गायत्री, शांती, गीता आदि ने बताया कि जल-प्रदाय योजना के अन्तर्गत पानी आने का अन्तराल बढ़ता जा रहा है। मोहल्ले मे नलों में गत 10 दिनों से पानी नहीं टपका है। गांव की ट्यूबवैल व हैण्डपम्पों का पानी पीने योग्य नहीं है। मीठा पानी तो दूर दराज मे भी नहीं मिल रहा है।
गांव के जल स्रोत भी सूखने से जल संकट गहराता जा रहा है। सरपंच चन्देल ने बताया कि नई ट्यूबवैल खुदवाने के लिए पंचायत की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से बीसलपुर परियोजना के लम्बित चल रहे प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए पत्र लिखा गया है।
बिजली की चल रही आंख-मिचौली
देवली. शहर से जुड़े भीलवाड़ा जिले की हनुमाननगर कॉलोनी में पिछले कई दिनों से बिजली की चल रही आंख-मिचौली क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। विद्युत डिस्कॉम की लापरवाही के चलते क्षेत्र में दिनभर में दर्जनों बार बिजली बंद व चालू हो रही है। इससे लोगों को बिजली उपकरण फुंकने का डर सता रहा है। वहीं लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या कोटा रोड, शिव कॉलोनी, कुंचलवाड़ा सहित हनुमाननगर क्षेत्र में बनी है।
जहां दिन में एक-दो नहीं बल्कि, दर्जनों बार बिजली बंद व चालू होती है। एक घंटे में तीन से चार बार बिजली की आवक-जावक रहती है। कब, किस समय बिजली चले जाए। इसका लोगों को हर समय भय सताता है। इस बीच होने वाली अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए भारी पड़ रही है।
बिजली की कटौती के चलते क्षेत्र के कोटा रोड व मोटर मार्केट का भी व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बिजली बंद रहने से इनके कामकाज ठप हो रहे हैं। गौरतलब है कि अभी तो गर्मी ने महज दस्तक दी है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी स्थिति रही तो गर्मी में हालात बद से बदतर हो जाएंगे।