
हुक्के की लत में युवा इतना डूब गया है कि वह किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अब हुक्का पीते हुए दिखना आम बात हो गई है। युवा कोई भी सार्वजनिक स्थान हो या कोई शादी समारोह तथा पार्टी करने की जगह युवाओं को तो बस अब हुक्के की लत जो पड़ी है युवा इतना इस हुक्के की लत में घुस गया है कि तरह-तरह के फ्लेवर वाले हुक्के से वह अपने शोक साधने लगा है युवाओं में छोटी-मोटी पार्टी होते ही हुक्के की लत से इतने सराबोश और हो गए हैं कि वह जगह-जगह देखे जा सकते हैं कोई भी कैसे हो या सार्वजनिक स्थान हुक्का पीना उनके लिए हुआ आम।
हुक्के से अन्य नशे पर पहुंचता है युवा
युवा हुक्के की लत में इतना घुस गया है कि इसके चलते वह अन्य शोक साधने लग जाता है धीरे-धीरे वह कैसे वह चलम पर तथा चलन से वह गांजे पर और गांजे के बाद वह स्मेक तक के नशे में डूब जाता है चारों तरफ से जब वह नशे के जाल में फंस जाता है तब उसे निकलना भारी हो जाता है और वह अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लेता है पढ़ने लिखने की उम्र में वह नशेड़ी होकर घरवालों के उम्मीद पर खड़ा नहीं उतरता है जिससे घर में तनातनी के साथ-साथ अन्य कई तरह की विपदाएं सामने आ जाती है। उसे आए दिन रूपए पैसे की जरूरत होने के चलते वह छोटी-मोटी घर में चोरी करने लग जाता है और धीरे-धीरे वह इस नशे से अन्य कहीं गोरख धंधे में लिप्त हो जाता है।
बिना रोक टोक बिक रहा है नशे का सामान
नशा करने वाले तथा नशा करवाने वाले दोनों ही एक दूसरे के पहलू है नशा करने वाले बेखौफ होकर सामान खरीदते हुए नजर आते हैं,वही नशा करवाने वाले उन्हें उम्र की इस दहलीज पर खड़े हुए युवा को दरकिनार करके उन्हें नशे का आदि बनाते हुए चलते हैं क्योंकि उन्हें तो लालच है पैसे कमाने का और इसी लालच के चलते वह युवाओं को इस नशे की लत में धकेलते हुए जा रहे हैं कोई भी युवा जब इन लोगों की पास पहुंचता है तो उसे वह नशे के सामान उपलब्ध करवा देते हैं जिसमें चलम गांजा स्मेक सहित अन्य कहीं तरह के मादक पदार्थ है धीरे-धीरे वह युवा इनमें डूब जाता है और एक न एक दिन नशेड़ी बन जाता है उनियारा कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र से नशे के इन लोगों से परिवार वालों ने दुखी होकर उनका नशा मुक्ति केंद्र तक भी महीना तक छोड़ा लेकिन फिर भी कई लोग तो वापस अपनी लाइन को पकड़ लिए लेकिन कई ने इस राह को छोड़ दिया आज जिन्होंने इस राह को छोड़ा वह कहीं ना कहीं अपना काम धंधा कर रहे हैं और जो इस राह को नहीं छोड़ पाए वह आज भी नशे की लत में डूबे हुए नजर आते हैं। जिनसे उनके सभी परिवारजन सहित अड़ोसी पड़ोसी सभी दुखी रहते हैं। लेकिन बे रोक टोक बिकने वाला इन सामानों पर पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का कोई पहरा नहीं होने के कारण युवा नशे की लत में दखेलता हुआ जा रहा है।
इस बारे में जब प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस के अधिकारियों से वार्ता करनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि नशा करवाने वालों की हमें सूची उपलब्ध करवाओ जबकि देखना यह है कि जो नशे के समान बेचते हैं उनकी सुचिया पहले ही पुलिस एवं अन्य कार्मिकों के पास उपलब्ध रहती है लेकिन फिर भी वह जानकर भी अंजान बने हुए रहते हैं। उनियारा कस्बे की कई महिलाओं सहित कई लोगों ने नशे पर लगाम लगाने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया लेकिन अधिकारी इन पर कोई लगाम नहीं लगा सके जिससे महिलाओं तक नींद आराम हो रही है।