टोंक

video: जिले के सबसे बड़े सआदत अस्पताल में अव्यस्थाओं से मरीज हो रहे है परेशान, युवक कांग्रेस ने प्रदर्शन कर कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

सआदत अस्पताल में मरीजों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। चिकित्सकों तथा स्टॉफ की कमी है। सभी समस्याओं का समाधान तत्काल कराने की मांग की है।  
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Updated: 7 Aug 2018, 3:31 PM IST
Congress demonstration
टोंक में कलक्टर को ज्ञापन देने आए युवक कांग्रेस पदाधिकारी।

टोंक. जिले के सबसे बड़े सआदत अस्पताल में अव्यस्थाएं होने से मरीज परेशान हैं। अस्पताल में ना तो पर्याप्त चिकित्सक है और ना ही रोगियों को दवाइयों का लाभ मिल रहा है। इसके चलते युवक कांग्रेस पदाधिकारियों ने सोमवार को प्रदर्शन कर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इसमें युवक कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष शाहजेब खान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष यूसुफ इंजीनियर, ओबीसी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष राहुल सैनी, किरोड़ीलाल मीणा, अरशद चिश्ती, साहिल नकवी, आतिफ नकवी, जावेद सलमान, वकील अहमद आदि ने बताया कि सआदत अस्पताल में मरीजों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है।

चिकित्सकों तथा स्टॉफ की कमी है। लैब में फुल ऑटोमेटिक मशीन खराब है। दवाइयां तो 366 स्वीकृत है, लेकिन मिल करीब सौही रही है। इसके अलावा भी अन्य समस्याएं व्याप्त है। ऐसे में रोगियों को बड़े अस्पताल का भी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने इन सभी समस्याओं का समाधान तत्काल कराने की मांग की है। ऐसा नहीं किए जाने पर धरना दिया जाएगा।

शहर में निकाली रैली
नगर परिषद में निकाली गई सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने शहर में रैली निकाली। उन्होंने नगर परिषद सभापति, आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही भर्ती में भाई-भतीजावाद करने का आरोप लगाया गया।

रैली में शामिल विजय, गोविन्द, बीना, ललीता, सीमा, राजन, मंजू, प्रेम आदि ने बताया कि सफाई कर्मी भर्ती में नियमों की अनदेखी बरती गईहै। ऐसे में ये भर्ती निरस्त की जाए और नए सिरे से भर्ती निकाली जाए। इसके चलते उन्होंने रैली निकाल प्रदर्शन किया।

निर्धनों से दूर हो रहा उपचार
टोंक. निजी अस्पतालों में योजना के तहत रोगियों के उपचार मुश्किल हो गए हैं। बीमा कम्पनियों ने निजी अस्पतालों को उपचार के बाद की राशि रोक दी गई है। इसके चलते निर्धन रोगियों का महंगा उपचार बंद होने के कगार पर है।

इसको लेकर लोकजन शक्ति पार्टी के प्रदेश महासचिव अकबर खान के नेतृत्व में लोगों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें अकबर ने बताया कि स्वास्थ्य भामाशाह योजना के तहत निजी अस्पतालों को बीमा कम्पनियों ने कहा था कि वे उपचार के बाद बिल की राशि दे देगी, लेकिन लाखों रुपए अटका दिए हैं।

कम्पनियां कई तरह का बहाना बनाकर चिकित्सालयों के बिल पास नहीं कर रही है। ऐसे में इन निजी चिकित्सालयों में उपचार मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना 13 दिसंबर 2015 को शुरू की गई थी।

इस योजना के तहत भामाशाह परिवारों का इलाज, जांच एवं ऑपरेशन नि:शुल्क किया जाना था। योजना के तहत निजी अस्पतालों का करीबन एक साल से किए गए इलाज की राशि बीमा कम्पनियों ने रोक दी है।

ऐसे में इन परिवारों का इलाज होना असंभव हो गया है। इसके चलते उन्होंने इस योजना के तहत उपचार जारी कराने की मांग की है। इस दौरान शहर अध्यक्ष कयामुद्दीन रंगरेज, उपाध्यक्ष अशोक विश्नोई, सईद खां, भजन लाल, रामकिशन, रामदयाल चौधरी, आशीष अहीर, राकेश गुर्जर, मोहम्मद इशाक, कैलाश प्रजापत, युसूफ गौरी, शिवराज गुर्जर, रूपनारायण मीणा आदि मौजूद थे।

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