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अब यहां उपकोष कार्यालय के कभी भी लग सकता है ताला, 66 कार्यालय का करोड़ों का होता है मासिक भुगतान

वित्तिय कार्य के संबंध में उपकोष कार्यालय आने वाले कर्मचारियों ने इस संबंध में कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया  
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 7 Aug 2018, 2:56 PM IST

Treasury

टोडारायसिंह में कार्य सम्पादित करते कनिष्ठ लेखाकार।

टोडारायसिंह. पांच दर्जन से अधिक विभागों के कर्मियों के करोड़ों के वेतन, पेंशन समेत अन्य कार्यों के भुगतान करने वाला उपकोष कार्यालय (ट्रेजरी) विभागीय अनदेखी का शिकार है। स्थिति यह है कि स्थानांतरण की भेंट चढ़ा उपकोष कार्यालय छह माह से एक पदोन्नत व स्थानान्तरित कार्मिक के भरोसे है।

उल्लेखनीय है कि गत सितम्बर 2009 में मालपुरा से अलग होकर अस्थित्व में आया टोडारायसिंह उपकोष कार्यालय एक दशक से तहसील के दो कमरों में संचालित है। यहां शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पंचायत समिति, नगरपालिका, चिकित्सा विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग समेत करीब 66 संस्थाओं के कार्मिकों के वेतन व निर्माण कार्य सबन्धी बिलों का करीब 15 से 20 करोड़ का मासिक ऑनलाइन भुगतान किया जाता है।

यही नहीं उपकोष के अधीनस्थ तीन राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के माध्यम से साढ़े 5 सौ सिविल पेंशनरों समेत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में वृद्धा, विधवा, निशक्तजन के 20 हजार से अधिक पेंशनरों को भी बैंक खातों के माध्यम से मासिक पेंशन उपलब्ध कराई जाती है।

उक्त कार्य संधारण के लिए उपकोष कार्यालय में उपकोषाधिकारी, लेखाकार, कनिष्ठ लेखाकार, कनिष्ठ लिपिक व सहायक कर्मचारी समेत पांच पद सृजित है। इसके बावजूद कनिष्ठ लेखाकार के पद को छोडकऱ अन्य पद पिछले एक वर्ष से रिक्त चल रहे है।

स्थिति यह है कि विभाग ने उपकोषाधिकारी पद पर कार्यरत रामलाल धाकड़ की सेवानिवृति के बाद गत एक अगस्त 2017 को पंचायत समिति में दो लेखाकर्मियों के विरुद्ध कार्यरत सहायक लेखाधिकारी सीताराम बैरवा को उपकोषाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दे दिया।

विभागीय स्तर पर उपकोष कार्यालय टोडारायसिंह के साथ उस समय ट्रेजरी हुई, जब एक कनिष्ठ लेखाकार के भरोसे संचालित उपकोष कार्यालय में रिक्त पदो पर नियुक्ति करने के बजाय कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार श्रवणलाल कुमावत का भी गत दिसम्बर 2017 में स्थानांतरण जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग टोंक में कर दिया।

इसके बाद जनवरी 2018 में क.ले. कुमावत को फिर पदोन्नत कर कृषि विभाग टोंक के लिए स्थानांतरण कर दिया है। स्थिति यह है कि स्थानांतरित कनिष्ठ लेखाकार को यदि कार्यमुक्त कर दिया जाए तो विभाग को उपकोष कार्यालय के ताला लगाना पड़ेगा।

हालाकि पिछले छह माह से कार्यमुक्त नहीं किए जाने से उपखण्ड के 66 विभागों के कार्मिकों के वेतन समेत निर्माण कार्य तथा पेंशनरो के भुगतान कार्य एक पदोन्नत कार्मिक (कनिष्ठ लेखाकार) के भरोसे है। कार्य प्रभावित न हो इसको लेकर उपखण्ड के अन्य विभागीय कार्मिकों ने पदोन्नत कुमावत को स्थानीय उपकोष कार्यालय में लेखाकार पद लगाने की मांग की है।

उक्त कार्यालय का जिला कलक्टर निरीक्षण कर रिक्त पदों के बारे में चिंता जता चुके है। इधर, कनिष्ठ लेखाकार के अवकाश पर चले जाने पर स्थिति और भी विकट हो जाती है। वित्तिय कार्य के संबंध में उपकोष कार्यालय आने वाले कर्मचारियों ने इस संबंध में कई बार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया, लेकिन समस्या का नहीं हो पाया। इसके चलते कई बार जिला कोष कार्यालय के भी चक्कर लगा चुके है।

टोडारायसिंह में कार्य सम्पादित करते कनिष्ठ लेखाकार।