सर्जरी ठीक से होने के बाद अनुपमा और उनका परिवार वापस घर की ओर रवाना हो गया है। वहीं तलाक होने के बाद अनुपमा वापस अपनी मां के घर जानें का फैसला लेती हैं। घर से अनुपमा के जाने का दुख पूरे परिवार को दुखी कर रहा है। लेकिन घर पहुंचते ही बाबू जी सभी को चौंक देते हैं। जानिए क्या होगा आज अनुपमा के लेटेस्ट एपिसोड में।
नई दिल्ली। कैंसर को मात देकर अनुपमा और उनका परिवार अब वापस रिजॉर्ट से अपने घर की ओर वापस आ रहा है। वनराज संग तलाक होने और काव्या संग वनराज की शादी होने के बाद अनुपमा वापस अपनी मां के घर जानें का फैसला लेती हैं। रास्ते में अनुपमा के घर से जानें की चिंता में उनके बच्चें, बॉ और बाबू जी काफी परेशान हो जाते हैं। घर पहुंचते ही बाबू जी वनराज को उनकी शादी का तोहफा देते हैं। जिसे देख सबके होश उड़ जाते हैं। जानिए क्या सच में अनुपमा की हो जाएगी शाह परिवार से बिदाई।
काव्या की हरकत देख भड़की बॉ
घर जानें के लिए काव्या ने जो गाड़ी को जिस तरह से सजाया होता है। उसे देख बॉ और पूरा परिवार नाराज़ हो जाता है। यहां तक वनराज को भी ये पसंद नहीं आता। बॉ काव्या से कहती हैं कि पहले ही मोहल्ले में इतनी बदनामी हो गई है। अब ढिंढोरा पीटकर तमाशा करने की जरूरत नहीं है। वनराज भी काव्या को डांट लगाते हैं, लेकिन काव्या मानती नहीं हैं। जबरन वनराज को उसी गाड़ी में ले जाती हैं। गाड़ी में काव्या वनराज संग रोमांटिक होने की कोशिश करती हैं। जिसे वनराज चिढ़ने लगता है।
अनुपमा के जानें से इमोशनल हुए उनके बच्चें
रिजॉर्ट से घर वापस लौटते वक्त गाड़ी में अनुपमा और उनके बच्चों के बीच बातचीत होती है। स्वीटी मां के जानें से काफी उदास होती हैं। जिसे देख तोषो, समर, किंचल और नंदनी भी अनुपमा के जाने से किस कदर घर सूना पड़ जाएगा। इस बारें में बात करते हैं। अनुपमा भी हिम्मत जुटाकर बच्चों को समझाती हैं कि वो दो गली छोड़कर ही जा रही हैं। जब भी उनका मन हों वो उनसे मिलने आ सकते हैं। साथ ही अनुपमा समझाती हैं काव्या गुस्सा करे तो एक इंसान को छुप रहना होगा। अनुपमा अपने बच्चों को बताती नहीं लेकिन घर छोड़ने का गम उनकी आंखों से छलक ही जाता है।
बॉ और बाबू जी भी परेशान
घर जाते हुए गाड़ी में बॉ और बाबू जी परेशान होते हैं कि अब कैसे उनका घर चलेगा। बाबू जी बॉ से कहते हैं कि अनुपमा के जाने के बाद उनका घर पता नहीं कैसे चलेगा। जिस पर बॉ भी उदास हो जाती हैं।
अनुपमा ने ली सबसे बिदाई
रिजॉर्ट से अनुपमा और उनका पूरा परिवार घर पहुंच जाता है। अनुपमा अपने घर को देखती हैं और भावुक हो उठती हैं। घर छोड़ने से पहले वो सभी से मिलती हैं। जाते वक्त अनुपमा काव्या को समझाती हैं कि अगर वो घरवालों को प्यार और सम्मान देंगी तो बदले में उन्हें भी वही मिलेगा। साथ ही अनुपमा वनराज को भी अपना और पूरे परिवार का ध्यान रखने को कहती हैं।
बाबू जी ने दिया बड़ा झटका
अनुपमा अपने घर की ओर जा ही रही होती हैं कि तभी बाबू जी उन्हें रोकते हैं और वनराज से कहते हैं कि वो उन्हें उनकी शादी का तोहफा देना चाहते हैं। बाबू जी घर के अंदर जाते हैं और कुछ पेपर्स लाते हैं। बाबू जी वनराज की ओर वो लिफाफ देते हैं, लेकिन तभी उनके हाथ काव्या छीन लेती हैं। दूसरा लिफाफ बाबू जी अनुपमा को देते हैं। अनुपमा लिफाफे में रखे हुए पेपर्स पढ़ती और चौंक जाती हैं। वहीं वो बाबू जी कहती हैं आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था।
काव्या बिना पेपर्स पढ़े ही अनुपमा को समझाने लगती हैं कि बड़े जो भी दें उसे आशीर्वाद समझकर सिर झुका कर ले लेना चाहिए। साथ ही काव्या बार-बार बाबू जी को थैंक्यू बोलती हैं। बाबू जी काव्या को कहते हैं शायद तुमने ठीक से पेपर्स नहीं पढ़ें हैं। वनराज काव्या को डांटते हैं और पेपर्स छीन लेते हैं।
वनराज के उड़े होश
बाबू जी पूरे परिवार के सामने बतातें हैं कि उन्होंने अपना घर वनराज के नाम नहीं किया। जिसे सुन काव्या हैरान हो जाती हैं। बाबू जी बतातें हैं कि उन्होंने अपने घर के तीन हिस्से किए हैं। जिसमें पहला हिस्सा वनराज का, दूसरा हिस्सा बेटी स्वीटी का और तीसरा हिस्सा अनुपमा का। ये सुनकर काव्या और वनराज काफी हैरान हो जाते हैं।
( Pre- रिजॉर्ट से पूरा परिवार घर लौट आता है। रास्ते में अनुपमा के जानें का गम पूरे परिवार को सताता है। सभी सोच रहे होते हैं कि अनुपमा के जानें से कैसे घर को संभाला जाएगा। वहीं बाबू जी वनराज को शादी के तोहफे में जोरदार झटका दे देते हैं। )