शो 'अनुपमा' में वट सावित्री की पूजा का ट्रैक दिखाया जा रहा है। काव्या अनुपमा को नीचा दिखाने के लिए व्रत रखती हैं और पूजा के दौरान उसके साथ हादसा हो जाता है। जानिए आज रात 'अनुपमा' के शो में क्या होगा?
नई दिल्ली। शो अनुपमा में वट सावित्री के व्रत को दिखाया जा रहा है। किंचल और काव्या का शादी के बाद यह पहला व्रत है। काव्या व्रत के दिन भी अनुपमा को ताना देने का मौका नहीं छोड़ती है। पूजा करते हुए काव्या के साथ हादसा हो जाता है। जानिए शो अनुपमा के लेटेस्ट एपिसोड में आज रात क्यो होगा।
वट सावित्री पूजा की यादों में डुबी अनुपमा
अनुपमा वट सावित्री पूजा की तैयारी कर रही होती है। तभी वो पुरानी यादों में खो जाती है कि कैसे वो वट सावित्री की पूजा करती है। वहीं दूसरी ओर किंचल और तोषो की शादी के बाद ये पहला व्रत है। जिसे लेकर दोनों काफी एक्साइटेड हैं। अनुपमा पूजा के लिए सभी घर वालों की थालियां सजाती है।
वनराज ने किया व्रत रखने से मना
काव्या अनुपमा को नीचा दिखाने के लिए कह देती है कि वनराज उनके लिए वट सावित्री का व्रत रखेगा। वनराज जिम करके आता है और काव्या को साज़ा देख खुश हो जाता है। वनराज काव्या को गले लगाने की कोशिश करता है, लेकिन काव्या उन्हें खुद से अलग कर देती है। काव्या वनराज को कहती है कि उसका मेकअप खराब हो जाएगा। ये सुनकर वनराज अनुपमा संग किया बर्ताव याद आ जाता है कि कैसे वो कभी अनुपमा से मसाले की बू आने पर उसे हटा देते थे। वनराज जैसे ही अपना प्रोटीन पीने जाता है काव्या उसे रोक देती है और वट सावित्री का व्रत रखने के लिए दबाव बनाती है, लेकिन वनराज साफ मना कर देता है।
परिवार ने दिया काव्या को करारा जवाब
पूरा परिवार पूजा के लिए साथ में आता है। अनुपमा पूरे परिवार की नज़र उतार रही होती है। तभी काव्या वनराज संग आती है और अनुपमा से उनकी भी नज़र उतराने के लिए कहती है। अनुपमा कहती है कि कल तक तो वही उनसे कह रही थी कि उनकी नज़र उन्हें लग जाएगी। अनुपमा का जवाब सुनकर काव्या का मुंह बन जाता है। वनराज ऑफिस चला जाता है। बॉ को वनराज की चिंता होती है कि पूरा दिन वो भूखा-प्यासा रहेगा। तभी काव्या बताती है कि वनराज ने व्रत नहीं रखा।
काव्या कहती है कि उन्होंने ही वनराज को मना किया है कि ऑफिस के साथ व्रत रखना मुश्किल होगा इसलिए ना रखे। ये सुनकर पाखी कहती है कि वो झूठ कह रही है। पाखी बताती है कि जब वो दोनों लड़ रहे थे। तब दोनों की लड़ने की आवाज़ उसके कमरे तक आ रही थी। ये सुनकर काव्या भड़क जाती है और पाखी और अनुपमा को खरी-खोटी सुनाने लगती है। ये देख समर, तोषो भी चुप नहीं रहते और काव्या को जवाब देने लगते है।
पूजा के लिए बॉ ले गई अनुपमा को साथ
वट सावित्री की पूजा पूरे मोहल्ले संग होती है। ये जानकर अनुपमा खुद को घर में रहने के लिए रोक लेती है, लेकिन बॉ कहती है कि त्योहार है और जबरदस्ती अनुपमा को अपने साथ ले जाती है। जैसे ही पूरा परिवार पूजा के लिए घर से बाहर आता है। मोहल्ले की औरते बॉ को ताना सुनाना शुरू कर देती है। बॉ की आंखे झुकी होती हैं। जिसे देख अनुपमा सभी से माफी मांगती हैं और कहती हैं कि वो घर पर रोक जाएंगी। उनके परिवार के साथ ऐसा ना करें।
बाबू जी ने सिखाया मोहल्ले को सबक
बाबू जी देखते हैं कि पूरा मोहल्ला उनके परिवार के साथ गलत बर्ताव कर रहा है। तभी वो बाहर आते हैं और मोहल्ले की औरतों को बतातें हैं कि अनुपमा और काव्या दोनों की उनके घर की सदस्य हैं। फर्क इतना है कि काव्या उनकी बहू है और अनुपमा उनकी बेटी। बाबू जी बताते हैं कि बेशक अनुपमा का वनराज संग तलाक हो गया है। लेकिन उसके रिश्ते परिवार वालों से खत्म नहीं हुए हैं। बाबू जी मोहल्ले की औरतों को समझाते हैं अनुपमा संग उनके परिवार का क्या रिश्ता है। वो नहीं समझ सकते हैं। ये बात सुनकर मोहल्ले की औरतों का मन बदल जाता है।
पूजा करते हुए भड़की काव्या
शादी के बाद काव्या का ये पहला वट सावित्री का व्रत है। अनुपमा पूजा के दौरान किंचल को पूजा कैसे करनी है। ये बता रही होती हैं कि तभी वो देखती हैं कि काव्या उल्टे हाथ से पूजा कर रही होती हैं। अनुपमा किंचल को इशारा करती हैं कि वो उसे समझाए। किंचल काव्या को सीधे हाथ से पूजा करने को कहती है। तभी काव्या अनुपमा पर भड़क जाती है और सबके सामने सुनाने लगती है। काव्या अनुपमा को कहती है कि अगर पूजा करने के लिए इतना मरी जा रही हो, तो तलाक क्यों दिया। ये सुनकर पूरा परिवार हैरान रह जाता है।
काव्या संग हुआ हादसा
वट सावित्री की पूजा करते हुए काव्या का पैर साड़ी में फंस जाता है और वो गिरने लगती है। ये देख अनुपमा काव्या की ओर भागती है और उन्हें बचा लेती है। इस बीच काव्या की हाथों की डोर अनुपमा के हाथों में आ जाती है। तभी वनराज भी आ जाता है।
( Pre- किंचल और काव्या की शादी के बाद उनका पहला वट सावित्री का व्रत है। अनुपमा पूजा की तैयारियां करती हैं। वहीं पूजा के दौरान काव्या संग हादसा हो जाता है। काव्या गिरने लगती है और अनुपमा सहारा बन उन्हें बचा लेती हैं )