
नई दिल्ली: टीवी शो 'हप्पू की उलटन-पलटन' एक्टर संजय चौधरी के साथ हाल ही में एक लूटपाट की घटना हुई है। यह घटना उनके साथ तब हुई जब वह शूटिंग के लिए जा रहे थे। संजय ने बताया कि कुछ गुंडों ने उन्हें रोक कर उनके साथ गाली गलौच की और लूटपाट को अंजाम दिया।
बीस हजार रुपयों की डिमांड
संजय चौधरी ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर बताया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो साझा किया। जिसमें वह कहते हैं, 'दोपहर 2.30 बजे मैं शूटिंग के लिए नायगांव की तरफ जा रहा था। मैं गाड़ी बहुत स्लो चला रहा था। इतने में वहां एक स्कूटर पर सवार व्यक्ति मेरी कार की खिड़की पर आकर शीशा पीटने लगता है। उसने मुझे गाड़ी साइड में लगाने को कहा। वह मराठी में गाली देने लगता है। गाड़ी रोकने के बाद उसने मुझे शीशा नीचे करने को कहा। जैसे ही मैंने शीशा नीचे किया उसने अपना हाथ अंदर डालकर दरवाजा खोला और अंदर घुस गया। सबसे पहले उसने मेरा मोबाइल लिया। उसके बाद उसने मुझसे कहा कि तूने मेरी गाड़ी में टक्कर मारी है। मुझे 20 हजार का नुकसान हुआ है।'
संजय आगे बताते हैं कि 'उस व्यक्ति ने ये भी कहा कि उसके हाथ में चोट लग गई है। उसके बाद उसके जानने वाले दो-तीन लोग और आ गए। उन्होंने मुझे एटीएम से 20,000 रुपये निकालने और हर्जाने के पैसे देने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा कि मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं। उसके बाद वो मुझे मराठी में गाली देने लगे और मेरा मोबाइल छीन लिया। वो मुझे पुलिस की धमकी भी दे रहे थे। मैं डर गया था और मैंने पर्स निकाला, उसमें 500 रुपए रखे हुए थे, मैंने वो उसे दे दिए। उसके बाद उसने गाड़ी में 200 देखें वो भी ले लिए। उसने मुझसे बोला 20 हजार रुपए दे लेकिन मैंने बोला कि भाई मुझे प्लीज जाने दे, मुझे देर हो रही है। उसके बाद बड़ी मुश्किल से उसने मेरा फोन वापस दिया और कहने लगा कि चलो अब निकलो। फिर मैं थोड़ी देर गाड़ी में बैठा रहा। उन्हें लगा कि मैं पुलिस को बुला रहा हूं और वो वापस आ गया। उन्होंने मुझे तुरंत जाने के लिए कहा।'
मुझे गाड़ी नहीं रोकनी चाहिए थी
उसके बाद संजय कहते हैं कि 'मुझे एहसास हुआ कि ये लोग एक बड़ा अपराध कर रहे थे। गलती मेरी थी कि मुझे गाड़ी ही नहीं रोकनी चाहिए थी और फिर शीशा भी नीचे नहीं करना चाहिए था। संजय कहते हैं कि मैं बहुत सीधा इंसान हूं। लेकिन मैं आपको यह इसलिए बता रहा हूं ताकि आपके साथ ये न हो। प्लीज अपना ध्यान रखें। कोई भी गाड़ी रोकने की कोशिश करे तो मत रोको। लोगों के पास नौकरियां नहीं हैं और वे अपराध कर रहे हैं। इस वक्त हो सके तो अकेले मत चलो। अगर जा रहे हो तो गाड़ी मत रोको।'