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टीवी की फेमस एक्ट्रेस को हंटर और जूतों से पीटा गया… जानें क्या थी वजह?

Jaya Bhattacharya Pain: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की एक्ट्रेस को आखिर क्यों हंटर, बेलन और चिमटे से पीटा गया। खूब कोसा गया सिर्फ इसलिए क्योंकि उनकी मां नहीं चाहती थीं कि…
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Nov 28, 2025
Jaya Bhattacharya
टीवी की फेमस एक्ट्रेस जया भट्टाचार्य (इमेज सोर्स: एक्ट्रेस इंस्टाग्राम)

Jaya Bhattacharya life Story: जया भट्टाचार्य… नाम सुनते ही आज टीवी की सबसे दमदार एक्ट्रेस का चेहरा सामने आता है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और हाल ही में ‘दिल्ली क्राइम 3’ में उनका रोल देखकर हर कोई कायल है। लेकिन जिस मां को दुनिया बच्चे की ढाल मानती है, उसी मां ने जया को बचपन में चिमटे, हंटर, बेलन और जूतों से पीट-पीटकर ढीठ बना दिया।

मां ही बन गई थी हैवान

जया अकेली संतान थीं। मां को बेटा चाहिए था, बेटी हुई तो जैसे सजा सुना दी गई। प्यार की जगह घृणा, सहारा देने की बजाय गाली। मां लोगों के सामने भी यही कहती कि मेरी बेटी खराब है। मोहल्ले वालों ने ताने कसे तो मां ने हां में हां मिलाई।

पिछले दिनों जया ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में बताया कि मुझे मां से नफरत हो गई थी। वो मेरे लिए गुरु भी थीं, क्योंकि मैंने उनसे सीखा कि जिंदगी में क्या नहीं करना चाहिए।

घर से भाग गई एक्ट्रेस

एक्ट्रेस ने बताया कि पिटाई इतनी बेरहमी से होती थी कि मैं चीखती भी नहीं थीं। हंटर, बेलन, चिमटा, जो हाथ में आया, वही हथियार बन जाता। दोस्त बनाने की इजाजत नहीं, किसी के घर जाने की मनाही। नौवीं क्लास में जब पापा रिटायर हुए तो मां का रोना शुरू हो गया कि दहेज कहां से लाऊंगी? बस, मैं घर से भाग गई। अपनी फ्रेंड के साथ हरिद्वार पहुंचीं और एक हफ्ते तक आश्रम से बाहर नहीं निकली।

एक्टिंग में भी उनकी कोई रुचि नहीं थी। डांस और संगीत पसंद था। लेकिन मां-बाप ने जबरदस्ती कैमरे के सामने धकेल दिया। पहली टेली फिल्म के लिए पापा सुबह 5 बजे जगाकर ले गए। जया रोईं, मना किया, लेकिन किसी ने नहीं सुना।

मेरे हाथ का खाना तक नहीं खाती थीं

जब मां अस्पताल में थीं, तब भी उन्होंने मुझ पर इल्जाम लगाया कि तूने मुझे यहां हॉस्पिटल में एडमिट करवाकर मेरा शरीर खराब कर दिया है। जबकि मैंने अपनी सारी कमाई उनके इलाज में लगा दी थी। बीमारी के समय वो मेरे हाथ का खाना तक नहीं खाती थीं।

आज जया भट्टाचार्य जिस मुकाम पर हैं, वो सिर्फ उनकी जिद और टैलेंट की जीत है। जिस मां ने उन्हें तोड़ने की हर कोशिश की, उसी की बदौलत वो कभी नहीं टूटीं।

Updated on:
28 Nov 2025 09:38 pm
Published on:
28 Nov 2025 09:38 pm