रावली-टॉडगढ़ अभयारण्य में 12 दिन पहले मारा था सांभर
उदयपुर . राजसमंद जिले के रावली-टॉडगढ़ अभयारण्य में गत 27 अप्रेल की देर शाम सांभर का शिकार करने के मामले में वन विभाग ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि मामले में नैनाराम पुत्र नाथूराम निवासी डाला खेत, भोपाल सिंह पुत्र हजारी सिंह निवासी रावजी की गुंआर तथा हरमेन्द्र सिंह पुत्र भोपाल सिंह निवासी मकाती की बेर को गिरफ्तार किया। उन्हें ब्यावर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से तीनों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि गश्त के दौरान वनरक्षक प्रकाशचन्द्र मीणा और दिनेश कुमार को अभयारण्य क्षेत्र में कुछ लोगों के बंदूक लेकर घूमने की सूचना मुखबिर से मिली थी। उन्होंने अन्य वनरक्षकों के साथ लोटिया भागा नामक स्थल के बाहर नाकाबंदी कर आठ-दस लोगों को घेरा, जिनमें से उम्मेद सिंह पुत्र चैन सिंह निवासी भालातों की बेर, देवी सिंह पुत्र अमर सिंह को पकड़ लिया गया था। शेष लोग भागने में कामयाब रहे। दोनों के कब्जे से शिकार किए सांभर की खोपड़ी और मांस से भरे दो कट्टे मिले। उनसे एक बंदूक भी बरामद की थी।
दो बाल विवाह रुकवा, परिजनों को किया पाबन्द
खेेरवाड़ा. उपखण्ड क्षेत्र में बाल विवाह करने वाले दो लोगों को तहसीलदार ने पाबन्द किया। जानकारी के अनुसार खुंटवाड़ा भाणदा निवासी लाला पुत्र थावरा अपनी नाबालिग पुत्री मनीषा और कनबई निवासी शंकरलाल पुत्र काला खराड़ी अपने नाबालिग पुत्र बाबूलाल के बाल विवाह करने की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मोहकमसिंह मौके पर पहुंचे। जहां खुंटवाड़ा और कनबई में हो रहे दोनों बाल विवाहों को रुकवाया। खेरवाड़ा न्यायालय में बाल विवाह प्रतिशोध अधिनियम के तहत इस्तगासा पेश कर लाला पुत्र थावरा निवासी खुंटवाड़ा व शंकरलाल पुत्र काला खराड़ी निवासी कनबई को बाल-विवाह नहीं करने के लिए पाबन्द किया गया।