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कलक्टर के दौरे में उठा मुद्दा, अस्पताल प्रबंधन ने बनाई जांच कमेटी, अब व्हील लॉक और जब्ती की तैयारी, राजस्थान पत्रिका ने लगातार उठाया था मामला, पार्किंग और मरीजों से कर रहे अधिक वसूली
उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान फिर अस्पताल परिसर में खड़ी अनाधिकृत एम्बुलेंस का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। अस्पताल के मुख्य पोर्च, जनाना अस्पताल, बाल चिकित्सालय, कार्डियोलॉजी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर करीब 70 से अधिक निजी और अनाधिकृत एम्बुलेंसों का जमावड़ा पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ रहा है। कई बार हटाने के बावजूद ये एम्बुलेंस फिर से अस्पताल परिसर में खड़ी हो जाती हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल के बुधवार को निरीक्षण के दौरान भी चर्चा हुई। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इन एम्बुलेंस से पार्किंग व्यवस्था चरमरा रही है। कई बार मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल परिसर में खड़ी रहती हैं 70 एम्बुलेंस
अस्पताल परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में निजी एम्बुलेंस खड़ी रहती हैं। इनमें से कई एम्बुलेंस कंडम हालत में हैं, जबकि कुछ को अस्पताल से जुड़े ही कार्मिकों ने चालक रखकर ठेके पर चला रखा है। आरोप है कि इन एम्बुलेंस के जरिए मरीजों को निजी अस्पतालों तक ले जाने का नेटवर्क भी सक्रिय रहता है। कई बार आरटीओ के तय किराये से अधिक राशि वसूली जाती है। इस मुद्दे को पूर्व में राजस्थान पत्रिका कई बार प्रमुखता से उठा चुका है। अस्पताल परिसर में चल रहे इस एम्बुलेंस गोरखधंधे को उजागर किया था, लेकिन समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है।
स्वयंसेवी संस्थाओं की आड़ में खेल
अस्पताल परिसर में कुछ एम्बुलेंस स्वयंसेवी संस्थाओं की भी हैं, जिन्हें जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए अनुमति दी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इनकी आड़ में दो-तीन अन्य निजी एम्बुलेंस भी परिसर में खड़ी हो जाती हैं, जिससे वास्तविक व्यवस्था प्रभावित होती है।--
एम्बुलेंस व्यवस्था सुधारने के लिए बनी कमेटी
अस्पताल प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि अनाधिकृत एम्बुलेंसों की समस्या को देखते हुए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें प्रभारी अधिकारी डॉ. संजय टांक, सह प्रभारी नर्सिंग अधिकारी गौरव सिंह राठौड़ और राजूराम चौधरी को जिम्मेदारी दी है। अस्पताल प्रबंधन ने तय किया है कि हाथीपोल गेट पर 10 से 12 अधिकृत एम्बुलेंस ही खड़ी रहने दी जाएगी, जबकि अन्य अनाधिकृत एम्बुलेंसों को पुलिस की मदद से हटाया जाएगा।
व्हील लॉक से होगी कार्रवाई
प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनाधिकृत रूप से खड़ी एम्बुलेंसों पर सख्ती के लिए व्हील लॉक सिस्टम भी लागू किया जाएगा। यदि कोई एम्बुलेंस बिना अनुमति परिसर में खड़ी मिली तो उसके पहिये को लॉक कर दिया जाएगा और बाद में उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की स्वयं मॉनिटरिंग डॉ. राहुल जैन करेंगे।
पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश
कलक्टर को यह भी बताया गया कि हाथीपोल छोर पर स्मार्ट सिटी की ओर से बनाई पार्किंग में भी बाहरी वाहनों का कब्जा रहता है। कलक्टर ने इस व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए और अस्पताल परिसर में पार्किंग प्रबंधन सुधारने पर जोर दिया।
कलक्टर ने परखी अस्पताल की व्यवस्थाएं
उदयपुर. जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने बुधवार सुबह महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आउटडोर विभाग से निरीक्षण शुरू करते हुए मरीजों को पर्ची, परामर्श, जांच और दवा मिलने की व्यवस्था देखी। कलक्टर ने जांच पर्ची पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्वयं स्कैन कर रिपोर्ट देखने की डिजिटल व्यवस्था का भी परीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मेडिसिन आउटडोर में टोकन व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिक, सर्जरी, नेत्र, ईएनटी और मेडिकल ज्यूरिस्ट विभागों का दौरा किया। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी और एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और मरीजों से फीडबैक प्राप्त किया। कलक्टर ने अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्य और नियमित मॉनिटरिंग के लिए मासिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
रोज 8 से 12 हजार मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े आठ अस्पतालों में प्रतिदिन 8 से 12 हजार मरीज आउटडोर में आते हैं। इसके अलावा करीब 500 मरीज रोज भर्ती होते हैं, जबकि औसतन 2500 मरीज अस्पतालों में भर्ती रहते हैं। मा योजना के तहत अस्पताल को हर महीने करीब 7 से 9 करोड़ रुपए की आय भी प्राप्त होती है।
Updated on:
9 Apr 2026, 7:31 PM IST
Published on:
9 Apr 2026, 7:31 PM IST
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