
मानवेन्द्रसिंह राठौड़/उदयपुर. किसानों farmers को पहले राज, फिर ऋण और अब रोग ने रूला दिया है। रही-सही कसर मानसून की दगेबाजी ने पूरी कर दी जिसने धरती पुत्रों की कमर तोडकऱ रख दी है। पहले ही कर्ज संकट से उबर नहीं पाए। ऐसे में किसानों ने जैसे-तैसे साहूकारों से कर्ज लेकर इस आशा से खेतों में फसलों की बुवाई की कि इस बार अच्छी पैदावार होगी लेकिन मानसून रूठने एवं मेवाड़-वागड़ में मक्का फसल crop disease में आई नई बीमारी ने किसानों को बर्बाद के कगार पर पहुंचा दिया है। छोटी जोत के किसान अब मक्के में कीट प्रकोप से दु:खी व व्यथित है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष बारिश कम होने से किसानों के भण्डार एवं जेब दोनों खाली रह गए। इस बार एक पखवाड़े से इन्द्रदेव ने रूठे हुए हैं जिससे खेतों में खड़ी फसलें मुरझा रही हैं। इधर, मक्के में फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप से कृषि विभाग के साथ ही किसानों के होश उड़ा दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर समूचे संभाग में कीट प्रकोप ने व्यापक पैमाने पर पांव पसार दिए हैं। कृषि विभाग फील्ड में दौड़ पड़ा है। कृषि वैज्ञानिकों की टीमें सर्वे करने में जुटी है। फॉल आर्मी वर्म उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तौडगढ़़ में बड़े स्तर पर फैल रहा है। बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ जिले में भी आंशिक असर दिख रहा है। समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया तो मेवाड़ में मक्के की फसल बर्बाद हो जाएगी और गरीब किसान की झोली फिर खाली रह जाएगी। भीलवाड़ा जिले में भी इस कीट का प्रकोप काफी हद तक दिखाई दिया है।
सूत्रों के मुताबिक उदयपुर जिले में गिर्वा, कुराबड़, भीण्डऱ, मावली व बडग़ांव में इस कीट का प्रकोप ज्यादा है। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) महेश वर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने मंगलवार को डूंगरपुर जिले में सर्वे किया, जहां बिछीवाड़ा, सीमलवाड़ा, सागवाड़ा में इस घातक कीट का प्रकोप दिखाई दिया। इसके अलावा चित्तौडगढ़़, निम्बाहेड़ा, छोटी सादडी व बड़ी सादड़ी में व्यापक स्तर पर इसका असर देखा गया।
इस घातक कीट का संभागभर में असर दिखाई दिया है। वैज्ञानिकों की सर्वे टीमें जगह-जगह गांवों में जाकर सर्वे कर रही हैं। इसका असर इतना तेजी से होता है कि देखते ही देखते मक्के की फसल को चट कर देता है। यह बढ़वार से पहले ही फसल को बर्बादी के कगार पर पहुंचा देता है।
महेश वर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार)
कहां कितनी हुई बुवाई
उदयपुर 1 लाख 52 हजार 500, बांसवाड़ा 1 लाख 50 हजार, डुंगरपुर 72 हजार, प्रतापगढ़ 45 हजार