अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का युग है।रोजमर्रा के जीवन में एआई प्रवेश कर चुका है, लेकिन अभी भी भारत में एआई को लेकर जागरूकता का आभाव है।
उदयपुर. अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का युग है।रोजमर्रा के जीवन में एआई प्रवेश कर चुका है, लेकिन अभी भी भारत में एआई को लेकर जागरूकता का आभाव है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों को एआई के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अचीवर ने देश की पहली एआई कम्युनिटी बनाई है। यह कम्युनिटी इन दिनों राजस्थान के विभिन्न आईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई लिट्रेसी रोड शो कर रही है। इसके तहत देश-विदेश के एक्सपर्ट सेशन लेकर छात्र-छात्राओं को एआई को लेकर जागरूक कर रहे हैं। अमरीका से आईटी प्रोफेशनल और चर्पन आईटी सॉल्यूशन के को-फाउंडर विकास बत्रा ने बुधवार को मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर में सेशन लिया। उन्होंने छात्रों को एआई से किस टेक्नोलॉजी के साथ जीवन और लाइफस्टाइल में बदलाव लाने की जानकारी दी। बत्रा ने बताया की किस तरह एआई आपके व्यवहार से विचारों तक को प्रभावित कर देगा।
एआईऐज ऑफ ऑटोनॉमी: द राइज ऑफ इंटेलीजेंस सिस्टम विषय पर हुए इन सेशन में विकास ने बताया कि एआई आपके व्यवहार से लेकर आपके विचारों तक को किस तरह प्रभावित कर देगा। छात्र-छात्राओं ने कई जिज्ञासाएं और सवाल भी किए। जिनका विकास बत्रा ने समाधान किया। विकास ने बताया की राजस्थान से होने के नाते इसकी शुरुआत जोधपुर से की है जबकि प्रदेश का दूसरा सेशन उदयपुर के सुखाडिया विवि के कंप्यूटर सेंटर में हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में हम ऐसे सेशन अजमेर और जयपुर के आईटी कॉलेजों में लेने जा रहे हैं। कार्यक्रम में सुविवि के कंप्यूटर सेंटर के निदेशक डाॅ अविनाश पंवार ने एआई की विभिन्न संभावनाओं और अवधारणाओं को लेकर विद्यार्थियों को जानकारी दी।