
नए साल में उदयपुर को मिलेंगी कई सुविधाएं (फोटो- पत्रिका)
उदयपुर: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार साल 2026 की शुरुआत रोहिणी नक्षत्र एवं शुभयोग में हुई। चंद्रमा वृष राशि में उच्चस्थ रहा। भारतीय नववर्ष 2083 का शुभारंभ भी चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा को गुरुवार, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र एवं शुक्ल योग में हुआ। ग्रहों की यह स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर परिणाम देने वाली रहेगी।
ज्योतिषाचार्य प्रो. नीरज शर्मा ने बताया, उदयपुर की स्थापना वैशाख शुक्ला तृतीया संवत 1622 को हुई, जो जूलियन कैलेंडर के अनुसार 3 अप्रैल और आधुनिक ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार 13 अप्रैल 1565 मानी जाती है। डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू संपादित एवं पंडित रणछोड़ भट्ट रचित राजप्रशस्ति ग्रंथ में उल्लिखित इस ऐतिहासिक तथ्य से शहर की कुंडली बनाई। इससे 2026 और भारतीय नववर्ष 2083 उदयपुर के लिए विकास, समृद्धि और विस्तार के नए अवसर लेकर आ रहा है।
इसके विश्लेषण के अनुसार, 2026 शहर के विकास और विस्तार के लिए विशेष रहेगा। देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अधिक सुदृढ़ होगी। वर्ष के अंत तक नई आवासीय योजनाओं के आने की संभावना है। वहीं, शहर में नए मार्ग, सड़कों और चौराहों का निर्माण भी हो सकता है। इससे आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के दामों में वृद्धि के संकेत हैं।
शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की निरंतरता बनी रहेगी, जिससे उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी। दशमेश शनि के एकादश भाव में रहने से शहर की प्रसिद्धि और समृद्धि में वृद्धि होगी। हालांकि, राहु-केतु की स्थिति के चलते सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी। कुल मिलाकर 2026 उदयपुर के लिए प्रगति, संभावनाओं और नए आयामों का वर्ष साबित हो सकता है।
उदयपुर नगर निगम की ओर से वर्तमान में कई काम किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ 2026 में पूरे होंगे। कुछ नए कार्य 2026 में नए शुरू होंगे। इसके तहत नए प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इनमें शहर में ई-चार्जिंग प्वाइंट का काम भी होगा। जो ई-व्हीकल चलाने वालों के लिए सुविधाजनक रहेगा।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया, शहर में प्रमुख स्थानों पर ई-चार्जिंग सिस्टम भी इसी साल लगाए जाएंगे। ये प्वाइंट शहर के आम लोगों के लिए होंगे। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि शहर में सिटी बस स्टैंड पर विज्ञापन से रेवेन्यू बढ़ाने के लिए टेंडर जारी किया है। निगम के सभी वाहनों की ट्रैकिंग का काम भी इसी साल शुरू किया जाएगा। जीपीएस और कैमरों आदि से वाहनों की ट्रैकिंग की जाएगी।
मार्च-2026 तक शहर में पीएमई बस सेवा शुरू होने की संभावना है। इसके लिए धोल की पाटी में डिपो तैयार किया है। इलेक्ट्रिक सिटी कनेक्शन पेंडिंग हैं। उदयपुर को 50 बसें मिलेंगी। इन सभी का मेंटेनेंस, खड़ा करने का काम इसी डिपो से किया जाएगा। उदयपुर में फरवरी माह तक बसों के आने की संभावना है।
गोवर्धन सागर में नावों का संचालन शुरू होगा। इसके साथ ही शहर में पर्यटकों के लिए एक ओर डेस्टिनेशन शुरू हो जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर जारी कर दिया है, जो साल के प्रथम सप्ताह में खोला जाएगा। ऐसे में इस वर्ष गोवर्धन सागर में नावों का संचालन शुरू हो जाएगा।
शहर में चल रहे अमृत 2.0 के तहत शहर में सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। 180 करोड़ के इस प्राजेक्ट के तहत अब तक करीब 110 किमी की लाइन डाल दी है। करीब 4 हजार कनेक्शन दे दिए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत 40 किमी की लाइन डाली जानी है।
इसके पूरा होने पर करीब 14 हजार लोगों को कनेक्शन दिए जाएंगे। यह लाइन सेक्टर-11, सेक्टर-13, सवीना, लक्ष्मीनारायण नगर, वर्मा कॉलोनी, सवीना गांव, रेती स्टैंड, गायरियावास और आसपास के क्षेत्र में वर्तमान में काम चल रहा है।
नए साल में लेकसिटी का नाइट टूरिज्म का सपना साकार होने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने नाइट टूरिज्म को विकसित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। इसके तहत रानी रोड क्षेत्र में प्रमुख स्थलों का चिन्हीकरण किया जाएगा, जहां पर्यटक रात के समय सुरक्षित और आकर्षक माहौल में भ्रमण कर सकेंगे। नाइट टूरिज्म में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाएं और उनकी पसंद को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि नाइट टूरिज्म को मूर्त रूप देने के लिए नए साल में प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। राज्य सरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है, जिससे उदयपुर की पर्यटन पहचान को और मजबूती मिलेगी।
शहर की बड़ी समस्याओं में शामिल अनियंत्रित ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए भी प्रशासन ने ठोस रणनीति बनाई है। ट्रैफिक को संतुलित और व्यवस्थित कर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट को और अधिक सुचारू किया जाएगा।
इसके लिए विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीक की मदद ली जाएगी। साथ ही शहर में नए पार्किंग स्थलों की संभावनाओं पर भी गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि आमजन और पर्यटकों दोनों को राहत मिल सके।
लेक सिटी के प्रमुख पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। फतहसागर और पिछोला सहित अन्य पर्यटन स्थलों को आकर्षक और आधुनिक लाइटिंग से जगमगाया जाएगा। खास तरह की रोशनी से रात के समय शहर और भी सुंदर व आकर्षक नजर आएगा, जिससे नाइट टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।
नया साल लेकसिटी के लिए हवाई, रेल और सड़क तीनों मोर्चों पर कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत लेकर आ रहा है, जिनसे न केवल शहरवासियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। डबोक एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भवन तैयार हो जाएगा। इसके शुरू होने से यात्री क्षमता 680 से बढ़कर 2050 तक पहुंच जाएगी।
नए टर्मिनल के साथ फ्लाइट्स की संख्या, नाइट फ्लाइट और चार्टर सेवाओं की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। रेल क्षेत्र में उदयपुर सिटी स्टेशन को 354 करोड़ रुपए की लागत से अमृत भारत योजना के तहत वर्ल्ड क्लास रूप दिया जा रहा है।
वहीं, उदयपुर-अहमदाबाद रेल रूट के पूरा होने से गुजरात और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सड़क नेटवर्क में प्रताप सर्किट, नाथद्वारा मार्ग और शहर के भीतर एलिवेटेड रोड परियोजनाएं ट्रैफिक दबाव कम करेंगी और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान बनाएंगी।
2026 शहर के विकास और विस्तार के लिए विशेष रहेगा। देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अधिक सुदृढ़ होगी। वर्ष अंत तक नई आवासीय योजना की संभावना है। शहर में नए मार्ग, सड़क और चौराहों का निर्माण हो सकता है। इससे आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के दामों में वृद्धि के संकेत हैं।
शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की निरंतरता रहेगी, जिससे सांस्कृतिक पहचान सशक्त होगी। दशमेश शनि के एकादश भाव में रहने से शहर की प्रसिद्धि-समृद्धि में वृद्धि होगी। राहु-केतु की स्थिति के चलते सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। वर्ष 2026 प्रगति, संभावनाओं और नए आयामों का वर्ष साबित हो सकता है।
नए साल के आगमन के साथ ही लेकसिटी उदयपुर के पर्यटन मानचित्र पर कई बड़े और आकर्षक प्रोजेक्ट जुड़ने जा रहे हैं। प्रस्तावित योजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार नए साल में महाराणा प्रताप टूरिज्म सर्किट की शुरुआत हो सकती है। इस सर्किट के अंतर्गत महाराणा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों, युद्ध स्थलों और स्मारकों को एकीकृत कर पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटक एक ही यात्रा में मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से जान सकेंगे।
यह सर्किट इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण बनेगा। बायोलॉजिकल पार्क में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सज्जनगढ़ में लॉयन सफारी शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। इसका शुभारंभ जल्द होगा। दिसंबर माह में इसकी तैयारियां हो चुकी थी, लेकिन एनवक्त पर कार्यक्रम टल गया था।
शेरों को देखने का रोमांच पर्यटकों को मिलेगा। यह परियोजना वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करेगी। इसके साथ ही बायो पार्क में रेप्टाइल हाउस भी तैयार है। जहां सांप, छिपकली, कछुए और अन्य सरीसृपों की विभिन्न प्रजातियों को सुरक्षित और वैज्ञानिक ढंग से प्रदर्शित किए जाएंगे। यह बच्चों, छात्रों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए शैक्षणिक और रोचक अनुभव साबित होगा।
Published on:
01 Jan 2026 02:28 pm
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