साथ चल रहा कार्यकर्ता बोला- हमारा गढ़ भेदेंगे, सवालों पर साधी चुप्पी, पदाधिकारियों के जवाब को मौन स्वीकृति
उदयपुर . बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार मंगलवार शाम को उदयपुर पहुंचे।डबोक एयरपोर्ट पर उनका उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। नीतिश कुमार एयरपोर्ट से सीधे उदयपुर आए और यहां सर्किट हाउस में उन्होंने रात्रि विश्राम करने के लिए वे पहुंचे तो पत्रकारों ने उनको रोका बातचीत करने के लिए लेकिन वे चुप ही रहे। पत्रकारों ने उनसे बातचीत करने का आग्रह किया लेकिन वे टाल गए।
पहले तीन बार आए बांसवाड़ा
बांसवाड़ा का कुशलगढ़ व बागीदौरा जहां समाजवादियों का गढ़ रहा है वहीं यहां आदिवासी समाज मामा बालेश्वर दयाल को काफी मानता है। नीतीश कुमार मामा बालेश्वर दयाल से कभी जुड़े रह चुके समाजवादियों के बीच में सभा कर उनका सहयोग बटोरना चाह रहे हैं। पहले भी वे यहां तीन बार आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मामा बालेश्वर दयाल आदिवासी समाज में नशा, बहुविवाह और अंधविश्वास की हमेशा खिलाफत करते रहे।
हार्दिक पटेल का लेंगे सहयोग
राज्य में एक तरफ जहां तीसरे मोर्च की बात हो रही है। ऐसे में जदयू के अपना गढ़ मजबूत करने के प्रयास के बीच हार्दिक पटेल का सहयोग लेने की बात भी चल रही है। यहां बिहार के मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात करनी चाही तो वे स्वयं कुछ नहीं बोले। हालांकि जदयू के प्रदेशाध्यक्ष दौलतराम ने कहा कि अगर कोई आगे बढकऱ हमारा सहयोग करेगा तो उसका सहयोग जरूर लेंगे।
सम्मेलन रणनीति का आगाज
सीमित होते जा रहे जनता दल के जनाधार में प्राण फूंकने की कोशिश एक बार पुन: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। इसे मामा बालेश्वर दयाल की बांसवाड़ा में राजनीतिक विरासत को संजोये रखने के साथ तीसरे राजनीतिक विकल्प की भूमिका तलाश करना भी बताया जा रहा है। इस तरह का प्रयास यहा पूर्व मे किरोड़ीलाल मीणा, विधायक हनुमान बेनीवाल, पूर्व मंत्री दलीचद मईडा के साथ कर चुके हैं, लेकिन मीणा के भाजपा से राज्य सभा सदस्य बनने के बाद ये विकल्प दम तोड़ता दिखाई पड़ रहा था। इसी बीच जनता दल यू ने तीसरा विकल्प खड़ा करने के नाम पर प्रदेश में 200 सीटों पर चुनाव लडऩे का ऐलान भी किया है।
इस सम्मेलन को इसके आगाज के तौर भी देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार एयरपोर्ट से सीधे उदयपुर आए और यहां सर्किट हाउस में उन्होंने रात्रि विश्राम करने के लिए पहुंचे। सर्किट हाउस में पटेल नवनिर्माण सेना जिलाध्यक्ष गेहरीलाल डांगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता नीतीश कुमार से मिले।