उदयपुर

कलक्टर साहब यहां करवा दो एक बार सर्वे, सरकारी जमीनों पर कब्जे आ जाएंगे सामने

कलक्टर साहब यहां करवा दो एक बार सर्वे, सरकारी जमीनों पर कब्जे आ जाएंगे सामने
2 min read
May 20, 2023
acb_rajasthan.jpg
तीन साल में एसीबी ने 1015 रिश्वतखोरों को दबोचा, 811 के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति

मोहम्मद इलियास/उदयपुर

यूडीएच के अधिकारियों के नाम पर 12 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकेश जैन की गिरफ्तारी के बाद एसीबी की जांच में लगातार नई-नई परतें खुलती जा रही है। ढिकली पंचायत व वाड़ा राजस्व ग्राम में भूमि दलालों ने नेशनल हाइवे 76 निकलने के दौरान ही गरीब आदिवासियों की जमीनों को हड़पने के साथ ही कई सरकारी बिलानाम जमीनों पर कब्जे करते हुए प्लान काट दिए। अभी भी मौके पर सरकारी जमीनों पर दलालों ने कब्जे करते हुए वहां बाउण्ड्रीवॉल बना रखी है तथा बिजली के मीटर ले रखे हैं।
कुछ ने वहां पर रहवास बताने के लिए एक-एक झोपड़ी बना रखी है। इस खेल में यूआइटी व नगरीय विकास विभाग के कई अधिकारियों व कार्मिकों की मिलीभगत प्रथम दृष्टया उजागर हो रही है। अगर यूआइटी मौके पर एक बार सर्वे करे तो कई सरकारी जमीनों पर कब्जे की पोल खुलकर सामने आ जाएगी। इतना हीं नहीं गरीबों ने जमीनों के फर्जीवाड़े की कई शिकायतें की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। गौरतलब है कि गत 8 मई को दलाल लोकेश जैन को एसीबी ने अधिवक्ता देवीलाल चौधरी से 12 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोपी ने यह राशि परिवादी की जमीन की 90 ए की कार्रवाई के लिए एनओसी जारी करने के एवज में ली थी। आरोपी अभी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।

-हाइवे निकलने के दौरान दलाल हुए सक्रिय
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि नेशनल हाइवे-76 निकलने के दौरान यहां पर दलाल सक्रिय हुए। उन्होंने आदिवासियों की जमीनों के सौदे करने के बाद फॉर्म हाउस के नाम पट्टे लिए। पट्टों में उन्होंने आदिवासियों से खरीदे गए जमीन के हिस्से के आसपास के क्षेत्र को भी दर्शाते हुए कब्जा कर लिया। बाद में सरकारी बिलानाम को भी अपने हिस्से में मिला लिया। जब हाइवे बनकर तैयार हुआ तो उन्होंने वहां पर भूखंडों के प्लान काटे तब आदिवासियों को वहां उनकी जमीन जाने का पता चला। कुछ ने इस संबंध में शिकायतें भी की, लेकिन कागजों में चढऩे व नए-नए खरीददार आने से उनकी कुछ भी नहीं चली।

---
जानकार भी अनजान बने रहे अफसर

सरकारी जमीनों पर प्लान में छोड़ी जगह ढिकली पंचायत व वाड़ा राजस्व ग्राम में अब तक दलालों ने अपने प्लान में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीनों पर कब्जे किए और यूआइटी व नगरीय विकास विभाग में उन्होंने उसी जमीनों में प्लान के अनुसार जगह छोड़ी। इन सब के बारे में अधिकारियों व कार्मिकों को जानकारी होते हुए उन्होंने उसे नजर अंदाज किया। मिलीभगत की यह चेन इतनी लम्बी थी कि कभी किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
--

त्रिपोलिया बाजार से खरीदे थे 7 लाख के नकली नोट
परिवादी ने दलाल लोकेश जैन को 12 लाख रुपए की रिश्वत देने के लिए 7 लाख रुपए के नकली नोट जयपुर के त्रिपोलिया बाजार से 500 रुपए में खरीदे थे। मनोरंजन वाले यह नोट पांच लाख के असली नोट के साथ रखे गए, जिन्हें दलाल पहचान नहीं सका।

Published on:
20 May 2023 09:58 pm