
उदयपुर. नाबालिग के अपहरण के बाद युवकों पर जानलेवा हमला कर एक की हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पारस मीणा ने गत 8 मई 2014 को सुवेरी फला भालदर खेरवाड़ा निवासी लालचंद उर्फ ललित उर्फ लाला पुत्र जीवनलाल मीणा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि घटना के दिन उसके गांव खाखल से शंभूलाल की बारात नठारा खजूरफला गई थी। वह भी अपने मित्र दिनेश, गौतम, कांति व विकास के साथ बारात में जा रहा था। मौकात फला नठारा में पहुंचे तभी उन्हें सामने से आरोपी ललित मिला, जो बाइक पर रिश्तेदार नाबालिग को भगाकर ले जा रहा था। दिनेश व गौतम ने रोककर पूछताछ की तो आरोपी आक्रोशित हो गया। उसने चाकू निकालकर दिनेश व गौतम के पेट में घोंप दिया, जिससे दोनों घायल होकर वहीं गिर पड़े। परिवादी का कहना था कि उसने कांतिलाल व विकास के साथ उसे पकडऩे की कोशिश की तो वह बाइक छोडकऱ नाबालिग को लेकर भाग गया। परिवादी व उसके साथी दिनेश व गौतम को घायलावस्था में सराड़ा चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उदयपुर एमबी चिकित्सालय रैफर किया। उदयपुर में उपचार के दौरान दिनेश की मृत्यु हो गई तथा गौतम का ऑपरेशन किया गया। पुलिस ने अपहरण, आम्र्स एक्ट, जानलेवा हमला व हत्या का मामला दर्ज किया। चालान पेश होने पर विशिष्ट लोक अभियोजक चेतनपुरी गोस्वामी ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर पॉक्सो एक्ट क्रम संख्या-1 न्यायालय के पीठासीन अधिकारी सतीश कुमार ने आरोपी को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व करीब 67 हजार रुपए जुर्माने सजा सुनाई।