झाड़ोल. उपखंड क्षेत्र की गैजवी पंचायत के गाल्दर गांव में चार दिन के दरमियान चचेरे भाई-बहन और इनके दादा की मौत हो गई।
झाड़ोल. उपखंड क्षेत्र की गैजवी पंचायत के गाल्दर गांव में चार दिन के दरमियान चचेरे भाई-बहन और इनके दादा की मौत हो गई। इन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत बताई गई। गांव के और भी लोगों को यह परेशानी है। तहसील मुख्यालय से करीब 33 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर छितराई गैजवी पंचायत के गाल्दर में रविवार तडक़े तीन बजे दौलतसिंह की बेटी पुष्पा (डेढ़ साल) को अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे कि 10 मिनिट में पुष्पा की मौत हो गई।
फिर मंगलवार रात दौलतसिंह के छोटे भाई लालसिंह के 10 वर्षीय बेटे जसवंत को उल्टी-दस्त हुए। परिजन अस्पताल के लिए घर से निकले ही थे कि बच्चे ने आखिरी सांस ले ली। इसकी दूसरी रात दौलतसिंह के पिता समरथसिंह (60) पुत्र कानसिंह की तबीयत एकाएक बिगड़ गई। उल्टी-दस्त के बाद उसकी भी मौत हो गई। गांव में देवीसिंह पुत्र छगनसिंह, गुणवन्तसिंह पुत्र शैतानसिंह, टमुबाई पत्नी विजयसिंह, चेतना कंवर पुत्री हरिसिंह, हरिसिंह पुत्र कानसिंह की भी तबीयत खराब बताई गई है।
नहीं आती एएनएम : ग्रामीण: सरपंच के पति हेमराज गरासिया व ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में एएनएम नहीं आती। उसे देखा तक नहीं गया है। स्थिति यह है कि यहां किसे जिम्मेदारी दी गई है, गांव वालों को यह तक नहीं पता। उन्होंने एएनएम को पहचानने से भी इनकार किया है।
हां, तीन मौतें हुई हैं। एएनएम ने कल ही नोटिस में डाल दिया था। बालक विमंदित था और लडक़ी को निमोनिया था। उसका काफी समय उपचार भी चला है। वृद्ध की प्राकृतिक मृत्यु हुई है। मैं अभी टीम भेज रहा हूं। हो सकता है कि और कोई दूसरा परिवार हो। हमारी जानकारी में तो ये है।
डॉ. मनीष चौधरी, सीएचसी प्रभारी, ओगणा
ओगणा सीएचसी प्रभारी मनीष से बात करता हूं। उल्टी-दस्त की शिकायत है क्या? मैं प्रभारी से बात करने के बाद ही तथ्यातम्क रिपोर्ट बता सकूंगा।
धर्मेन्द्र गरासिया, बीसीएमओ, झाडोल