
भीम. आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी पर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कुकरखेड़ा-सदारण के राधे कृष्णा हॉल में भक्तिसंध्या का आयोजन हुआ। संत समागम के साथ आयोजित भक्तिसंध्या में भजनों की प्रस्तुतियों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में श्रीश्री 1008 सत्संग सभा अध्यक्ष शिवरामजी महाराज, रामदासबाई, अर्जुनसिंह, राधेश्याम सिनोदिया, लक्ष्मणदास, राजबाई महाराज, दयालबाई महाराज, मंगनीबाई और उदयसिंह राठौड़ सहित संतों ने भक्ति भाव से भजनों की प्रस्तुतियां दीं।आयोजक राधेश्याम रूपावत ने प्रभु श्री द्वारकाधीश एवं गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का प्रारंभ होता है। आयोजक राधेश्याम रूपावत ने प्रभु श्री द्वारकाधीश एवं गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का प्रारंभ होता है। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, इसलिए विशेष पूजा-अर्चना का महत्व है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।