उदयपुर

उदयपुर : 1 लीटर तेल में खत्म पैकिंग की चाल, घी में अब भी बरकरार

केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार तय कर दिए हैं, जिससे 650-750 ग्राम जैसे भ्रामक पैक पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं के लिए कीमत व मात्रा की तुलना आसान होगी।

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Jun 12, 2026
oil and packing of ghee
file photo AI

उदयपुर. खाद्य तेल खरीदते समय उपभोक्ताओं को पैकेट के आकार और वास्तविक मात्रा को लेकर भ्रम का सामना नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी नियमों में संशोधन कर खाद्य तेलों और खाद्य वसा के लिए मानक पैक आकार निर्धारित किए हैं। इससे वर्षों से चल रही कम माल और पैकिंग में असमान वजन पर रोक की उम्मीद है। अब 650, 750, 850 या 870 ग्राम जैसे भ्रामक पैकों की जगह निर्धारित मात्रा वाले पैक ही मिलेंगे। इससे ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्रांड की कीमत और मात्रा की तुलना करना आसान होगा। सरकार का यह फैसला फिलहाल खाद्य तेलों तक ही सीमित है। उपभोक्ता संगठन और व्यापारियों ने घी सहित अन्य उत्पादों में ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। तीन माह बाद नए नियम पूरी तरह प्रभावी होने से उपभोक्ताओं को समझ आ सकेगा कि वे जिस कीमत का भुगतान कर रहे हैं, उसके बदले कितनी मात्रा खरीद रहे हैं।

उदयपुर से उठी आवाज, केंद्र तक पहुंचा मामला

उदयपुर के व्यापारियों ने खाद्य तेल की भ्रामक पैकेजिंग को लेकर कई बार केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इस संबंध में डायरेक्टर लीगल मेट्रोलॉजी, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों को पत्र भेजे। व्यापारियों ने कंपनियां के समान आकार के पैकेट साइज में कम मात्रा होने की शिकायत की। उनका तर्क था कि ग्रामीण क्षेत्र और कम पढ़े-लिखे उपभोक्ताओं को सबसे अधिक नुकसान होता है, क्योंकि लोग पैक का आकार देख खरीदारी करते हैं, मात्रा नहीं।

रेट संतुलन के लिए छोटी पैंकिंग

\कुछ वर्ष पहले ज्यादातर खाद्य तेल कंपनियां करीब 910 ग्राम तेल वाले पैक बेचती थी, जिन्हें उपभोक्ता एक लीटर के समकक्ष मानकर खरीदते। बाद में कई कंपनियों ने 900, 870, 850 और 750 ग्राम तक के पैक बाजार में उतार दिए। पहले किसी पैक में 910 ग्राम तेल मिलता और अब उसी कीमत के आसपास 750 ग्राम मिल रहा है तो ग्राहक को करीब 160 ग्राम कम तेल प्राप्त हो रहा है। प्रतिशत के हिसाब से यह 17.58% तक की कमी है।

15 लीटर और 15 किलो का फर्क समझिए

व्यापारियों के अनुसार खाद्य तेल में लीटर और किलो को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। कई कंपनियां 15 लीटर और 15 किलो पैक को लेकर अलग-अलग तरीके से पैकेजिंग कर रही हैं। सामान्य तापमान पर 1 लीटर खाद्य तेल का वजन लगभग 910 ग्राम माना जाता है। इस हिसाब से 15 लीटर तेल का वजन करीब 13.65 किलो होना चाहिए, जबकि कुछ कंपनियां 13 किलो पैक बेच रही हैं और उसी मात्रा को प्रमुखता से दर्शा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय पैक पर लिखी मात्रा, इकाई (लीटर या किलो) और प्रति लीटर कीमत अवश्य जांचनी चाहिए।

एमएल और ग्राम का गणित से भी भ्रम

कई कंपनियां मात्रा मिलीलीटर (एमएल) में लिखती हैं, कुछ ग्राम या किलोग्राम में। उपभोक्ता 1 लीटर और 1 किलो को समान समझ लेते हैं, जबकि तेल और पानी का घनत्व अलग होता है। कई बार ग्राहक वास्तविक मात्रा और मूल्य का सही आकलन नहीं कर पाता।

सरकार ने क्या बदला

अब 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1,2,3,4,5, 15 व 20 लीटर/ किलो के पैक ही मानक माने जाएंगे। ये नियम सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, मूंगफली, तिल, राइसब्रेन, पाम और मिश्रित खाद्य तेलों पर लागू होंगे। घरेलू और आयातित दोनों प्रकार के तेल इस दायरे में आएंगे।

क्या करें उपभोक्ता?

केवल पैकेट का आकार देखकर खरीदारी न करेंहमेशा नेट क्वांटिटी पढ़ेंप्रति लीटर या प्रति किलो कीमत की तुलना करेंएमएल और ग्राम के अंतर को समझें।भ्रामक पैकेजिंग दिखे तो उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत करें।--केंद्र सरकार के नए फैसले से खाद्य तेल बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। नियमों का प्रभावी पालन हुआ तो वर्षों से चल रहा कम माल, पैक का खेल खत्म हो सकता है। घी और अन्य खाद्य उत्पादों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

चिराग बंसल, इस मामले को उठाने वाले तेल उद्यमी

खाद्य तेलों के लिए सरकार के तय मानक पैकिंग आकार उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के हित में है। अभी पभोक्ता पैकेट का आकार देखकर भ्रमित हो जाते हैं। नए नियम से एक जैसी पैकिंग व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी।

राजकुमार चित्तौड़ा, महामंत्री श्री उदयपुर दाल चावल व्यापार संघ

Updated on:
12 Jun 2026 06:10 pm
Published on:
12 Jun 2026 06:07 pm