
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. उदयपुर के निवासी व आरएनटी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी रहे भारतीय अमरीकी समुदाय के जाने माने चिकित्सक अजय लोढ़ा का गत 21 नवंबर को अमरीका में निधन हो गया। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद वे बीते आठ महीने कोविड.19 से संघर्ष कर रहे थे। 58 वर्षीय डॉ. लोढ़ा भारतीय मूल के अमरीकी फि जिशियंस के संगठन, आपी के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। उनके परिवार में उनकी पत्नी डॉ. स्मीता लोढ़ा, बेटा अमित व बेटी श्वेता हैं। उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल में उन्होंने सर्जिकल आईसीयू बनवाया था और मेमोग्राफी मशीन भी भेंट की थी।
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कोविड.19 से आठ महीने संघर्ष किया
डॉ. लोढ़ा की पत्नी के भाई डॉ. समीर मेहता ने बताया कि मार्च में उन्हें कोरोना संक्रमण हो गया था, इसके बाद संघर्ष जारी रहा, न्यूयार्क के माउंट सिनाया में उपचार चला, इसके बाद फेफड़े में फायब्रोसिस हो गया था, जिससे लंग प्रत्यारोपण क्लीवलेंट क्लीनिक ओहायो में करवाया था, फिर भी वह रिकवर नहीं कर सके। बाद में उनकी किडनी फेल हो गई थी। वह अर्से से दवाइयों व वेंटिलेटर पर चल रहे थे। ऐसे में दिल्ली से माणक मुनि ने फोन पर संथारा करवाया। फिर उनकी दवाइयां बंद कर दी गई। अन्न जल का त्याग कर दिया था। न्यूयॉर्क स्थित भारत के महा वाणिज्यिक दूत की ओर से उनके निधन पर सोशल मीडिया पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें भारतीय अमरीकी समुदाय का प्रमुख सदस्य बताया गया। आपी के मौजूदा अध्यक्ष सुधार जोन्नलागड्डा ने उनके निधन को संगठन के इतिहास का काला दिन करार दिया। नई अध्यक्ष बनने जा रही डॉ. अनुपमा गोतिमुकुला ने उन्हें स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कोरोना से संघर्ष की प्रतिमूर्ति बताया।
डॉ. लोढ़ा को 2016 में एलिस आइलैंड मेडल ऑफ ऑनर से नवाजा गया। 2008 में उन्हें नर्गिस दत्त मेमोरियल फ ाउंडेशन द्वारा फि जिशियन ऑफ द ईयर सम्मान दिया गया। वे 2015-16 में आपी के अध्यक्ष भी रहे।