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शंकर कलाल/सेमारी. सेमारी कस्बे के भीम सागर तालाब में स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर में भोलेनाथ 4 महीने जल मग्न रहते हैंं। बरसात होते ही तालाब में पानी की आवक के बाद मंदिर जलमग्न हो जाता है। वर्तमान में शिवजी जल मग्न हैंं। गेहूं की फसल को पानी देने के लिये नहर से ज्योंंही सिंचाई शुरू होती है पानी कम होने के साथ ही मंदिर से शिवलिंग बाहर निकलता है । आसपास क्षेत्र के किसान बारिश से पूर्व बरसात की कामना के लिये यहाँ हवन करवाते हैंं। भगवान शिव को खीर बाटी का भोग लगाते हैंंं। हर वर्ष में एक दिन जब भी हवन का दिन तय होता है उस दिन कोई भी किसान दूध नही बेचता सामूूहिक आयोजन होता है। इन दिनों तालाब में पानी होने के कारण प्रवासी पक्षी इस तालाब में दिन भर कलरव करते देखने को मिलते हैंं। यहाँ आने वाले लोगोंं को यहां का नजारा देख सुकून मिलता है। सेमारी तालाब की विशेषता ये है कि यहां कभी मत्स्याखेट नहींं होता। ये तालाब पर इसलिए प्रवासी पक्ष्ाी आराम से डेरा डाले रहते हैं। इन दिनों ये काफी संख्या में यहां दिखाई दे रहे हैं।