प्रधानमंत्री की सोना खरीद टालने की अपील के बाद उदयपुर के सर्राफा कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है और कारोबार पर 5 से 10 प्रतिशत असर की आशंका जताई जा रही है। सोने की बढ़ती कीमतों के चलते लोग अब हल्के वजन के आभूषण और पुराने गहनों की रिसाइक्लिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उदयपुर. वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमजन से एक साल सोने की खरीद नहीं करने की अपील से सर्राफा कारोबारियों में चिंता का माहौल है। व्यवसायी इसे भविष्य में किसी बड़े आर्थिक बदलाव की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने पुराने सोने की रिसाइक्लिंग बेहतर विकल्प बताया है ताकि इस कारोबार से जुड़े कारीगरों की आजीविका चलती रहे। वहीं आमजन लाइटवेट ज्वेलरी और पुराने गहनों को नए करने पर ध्यान दे रहे हैं। इस मामले पर पत्रिका ने शहर के लोगों से राय जानी तो उन्होंने अपनी चिंता जताई, क्योंकि पारिवारिक आयोजनों में सोने की खरीद को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
बजट अनुसार बढ़ी लाइटवेट ज्वेलरी की मांग
सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महिलाएं अब लाइटवेट ज्वेलरी को प्राथमिकता देने लगी हैं। सर्राफा व्यवसायियों ने भी ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए हल्के वजन की ज्वेलरी की नई वैरायटियां बाजार में उतारी हैं। जिन परिवारों में शादियां हैं, वे फिलहाल केवल आवश्यक गहनों की ही खरीदारी कर रहे हैं। अन्य ज्वेलरी की खरीद बाद में भी की जा सकती है।
शारदा शाकद्विपी, खरीदार आयड़ निवासी
पुराने गहनों के बदले नए लेना बेहतर विकल्पपिछले कुछ समय में सोने के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने पुराने गहने देकर नए गहने बनवाए। उनका मानना है कि इससे देश का पैसा और सोना दोनों देश में ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में जरूरत के अनुसार ही गहनों की खरीदारी की जानी चाहिए।
कमला देवी, खरीदार, यूनिवर्सिटी रोड निवासी
आयात पर खर्च से कमजोर हो रहा रुपया
प्रधानमंत्री के वक्तव्य के दो पहलू हैं। बीते वर्ष देश में सोने के आयात पर 72 अरब डॉलर खर्च किए, जो रक्षा बजट के करीब आधे हैं। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। रुपया कमजोर हो रहा है। एक वर्ष तक सोने की बिक्री नहीं होती है तो इस उद्योग से जुड़े करीब 5 से 6 करोड़ कर्मचारी और कारीगर प्रभावित होंगे। सोने के आयात को कम करने के लिए पुराने सोने की रिसाइक्लिंग एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे व्यापारियों, कारीगरों और कर्मचारियों का काम चलता रहेगा।
डॉ. महेंद्र सोजतिया, ज्वैलर
सर्राफा कारोबार पर 5 से 10 प्रतिशत असर की आशंका
प्रधानमंत्री की अपील के बाद सर्राफा बाजार और कारोबारियों में भय का माहौल है। भविष्य में कुछ बड़ा होने की आशंका महसूस हो रही है। यदि सोने की बिक्री प्रभावित होती है तो कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। यह बहुत बड़ा उद्योग है और इससे करोड़ों लोग जुड़े हैं। सरकार की अपील का सोने के कारोबार पर 5 से 10 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है। लोग घरों में कच्चा सोना रखने के बजाय जरूरत पड़ने पर पुराने सोने की रिसाइक्लिंग करवाकर नए जेवर बनवा सकते हैं।
यशवंत आंचलिया, अध्यक्ष, श्री सर्राफा एसोसिएशन