उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर पहाड़ों के बीच बसे जैव विविधता पार्क की भी वेबसाइट शुरू कर दी गई है। अब इसके जरिए पर्यटकों को मिलेगी सुविधाएं और जानकारी।
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर . राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर में 11 मई की दोपहर को चीरवा और अम्बेरी की वादियों में बनाए जैव विविधता पार्क की वेबसाइट शुरू की। उदयपुर के चेतक सर्कल स्थित वन भवन में शुरू की इस वेबसाइट के जरिए अब उदयपुर आने वाले हर देसी-विदेशी पर्यटक को वादियों में बसे इस पार्क की जानकारी मिलेगी और वे उस जगह तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे। कटारिया ने कहा कि उदयपुर के चारों दिशाओं में जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर जो काम किए गए है वह ऐतिहासिक है, उन्होंने माना कि उदयपुर आने वाला हर पर्यटक अब झीलों के साथ-साथ जंगल, प्रकृति, वन्यजीव और पक्षियों के निकट भी होगा। कटारिया ने इस दौरान वन भवन में बने कॉन्फ्रेंस हॉल का भी शुभारंभ किया। इस दौरान यूआईटी चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) आईपीएस मथारू, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर, डीएफओ ओमप्रकाश शर्मा, आर.के. जैन, सुहेल मजबूर, कुमार स्वामी गुप्ता, शैतान सिंह देवड़ा, आदि उपस्थित थे।
आप बायो डायवर्सिटी पार्क जाएंं तो यह है रास्ता
- सुखेर होकर नाथद्वारा हाइवे पर अमरखजी मंदिर के मुख्य गेट से करीब 500 मीटर आगे रोड के उस पार से जैव विविधता पार्क का रास्ता जाता है। वहां से पार्क करीब दो किलोमीटर पड़ता है। पार्क के पास ही पुरोहितों का तालाब है।
जैव विविधता पार्क की खासियत
- घना जंगल है और चंदन की महक मिल जाएगी। - विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगे हैंं। - बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले व अन्य अन्य साधन। - घुड़सवारी का भी मजा। - चंदन, गूगल व कड़ाया जैसी दुर्लभ प्रजातियां। - फलदार एवं औषधीय वनस्पति मौजूद। - पैंथर सेही, लोमड़ी, सियार, जरख तथा सरिसर्प एवं पक्षियों की प्रजातियां निवासरत। - सबसे ज्यादा जिप लाइन आकर्षण का केन्द्र। -- नाचते मोर भी देखेंगे - पैदल भ्रमण के दौरान बघेरे का विचरण भी कभी-कभार दिख सकता। - मोरों का समूह नृत्य करते मिल जाएगा। - रास्ते में बंदरों की अटखेलियां तो जगह-जगह मिल जाएगी। -- एडवेंचर स्पोर्टस भी - ग्राऊण्ड बाधा - जिप लाइन - वेली क्रोसिंग - ट्री वॉक -- ऐसा है हमारा पार्क - 165 हैक्टयर क्षेत्र में फैलाव - 63 वृक्ष प्रजातियां - 30 झाडिय़ा - 37 लताएं
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