
Swine Flu Cases Increased In Rajasthan: राजस्थान में मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण ने दस्तक दे दी है। उदयपुर संभाग में अब तक 361 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई जिनमें 15 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जांचे गए नमूनों में संक्रमण दर 4.16 प्रतिशत रही। सबसे ज्यादा 11 पॉजिटिव मरीज उदयपुर जिले में मिले हैं। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ में 3 और सलूंबर में एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमण के मामले सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध मरीजों की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित पाए गए मरीजों में कई की यात्रा हिस्ट्री भी सामने आई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संक्रमण को किसी नए या असामान्य स्ट्रेन से जोड़ने का फिलहाल कोई आधार नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों और आइसीएमआर की ओर से भी लोगों से घबराने के बजाय सामान्य संक्रमणरोधी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
जयपुर में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें एसएमएस अस्पताल के मेडिकल आइसीयू में भर्ती कराया गया है। 25 अगस्त की देर रात रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। बुधवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी उनकी कुशलक्षेम पूछने एसएमएस अस्पताल पहुंचे।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने चिकित्सा मंत्री को आइसीयू के गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद उन्होंने बाहर से ही डॉक्टरों से बातचीत कर डॉ. मीणा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अस्पताल के बाहर समर्थकों की भी मौजूदगी रही।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी बुधवार सुबह एसएमएस अस्पताल के प्राचार्य और अधीक्षक से फोन पर बातचीत कर कृषि मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों की निगरानी में डॉ. मीणा का इलाज जारी है।
उदयपुर संभाग में लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सामान्य सावधानियां बरतने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।