पन्नाधाय महिला और एमबी अस्पताल के बीच फंंसी प्रसूताएं
उदयपुर . संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल एवं पन्नाधाय महिला राजकीय चिकित्सालय में पर्याप्त सुविधाओं और संसााधनों के बावजूद प्रसूताओं को चिकित्सालय प्रशासन स्टे्रचर और व्हील चेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहा।
कुछ ऐसी ही बानगी बयां करता हुआ एक उदाहरण नर्सरी वार्ड (ए यूनिट) का है। प्रसव के बाद कमजोर जन्मे बच्चों को नर्सरी में शिफ्ट किया जाता है। फिर मां की उससे दूरी नहीं रहे यह ध्यान में रखते हुए प्रसूता को पन्नाधाय महिला चिकित्साय से महाराणा भूपाल चिकित्सालय के अधीन संचालित वार्ड में शिफ्ट करते हैं। लेकिन, अव्यवस्था का आलम यह है कि प्रसव बाद महिला को बीमार होने की स्थिति में इस वार्ड में व्हील चेयर और स्ट्रेचर जैसी सुविधा नहीं मिलती।
चिकित्सक से संपर्क के लिए प्रसूता को जनाना चिकित्सालय तक पहुंचाने के लिए पहले ही दिन या तो पैदल चलना पड़ता है, या फिर अपने स्तर पर संसााधन जुटाने पड़ते हैं। वार्ड में भर्ती होने वाली प्रसूताएं यह समस्याएं वर्षों से झेल रही हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला दर्द से जूझती प्रसूताओं को लेकर बेदर्द बना हुआ है।
पंखे भी बंद
नर्सरी ए यूनिट के सामने वाले वार्ड में एसी और कूलर की सुविधा तो नहीं है, लेकिन गर्मी के दिनों में यहां वार्ड में संचालित पंखे भी बंद पड़े रहते हैं। खराब पंखों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। विपरीत परिस्थितियों में प्रसूता को या तो पंखे वाले क्षेत्र के खाली होने की राह तकनी पड़ती है। या फिर गर्मी में परेशान होना पड़ता है। दूसरी ओर खराब पंखों की शिकायत करने वाले मरीज और उनके परिजनों को स्टाफ के कोप का भागी बनना पड़ता है।
जरूरत पर कराते हैं उपलब्ध
प्रसूता के बीमार होने की सूचना पर अधिकांश मौकों पर हम व्हील चेयर भेजते हैं। कभी कभार प्रसूता लोड अधिक होने पर मजबूरी हो जाती है। फिर भी पूरी कोशिश करते हैं कि मरीज परेशान नहीं हो। हालांकि, वह वार्ड एमबी हॉस्पिटल के अधीन है।
डॉ. सुनीता माहेश्वरी, अधीक्षक, पन्नाधाय महिला चिकित्सालय
एक-दो दिन में कर देंगे व्यवस्था
वार्ड में व्हील चेयर और स्ट्रेचर नहीं है। इसकी अब तक किसी ने जानकारी नहीं दी है। गंभीरता को ध्यान में रखकर एक-दो दिन में ही व्यवस्था कर उपलब्ध कराई जाएगी।
लक्ष्मीलाल बीरवाल, नर्सिंग अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल