
उदयपुर/ सलूम्बर. Hindu Muslim issue जाति प्रमाण-पत्र और जमाबंदी नकल के नाम पर दमामी और नंगारची सामाज को सरकारी रेकॉर्ड में गैर हिन्दू और मुस्लिम धर्मावलंबी बताने का मामला तूल पकड़ रहा है। सरकारी तंत्र की खामियों और प्रशासनिक अमले पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए दमामी और नंगारची समाज ने पोथी से लेकर प्राचीन पत्र-पत्रिकाओं में क्षत्रिय दमामी समाज के उल्लेख और महारावल लक्ष्मण सिंह की ओर से मंदिर और धर्मशाला का शिलान्यास करने जैसे प्रमाण जुटाकर खुद का हिन्दू होना साबित किया है। समाज ने एक बार फिर से कहा कि उनके जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत सभी संस्कार सनातन धर्म के अनुसार होते हैं। बावजूद इसके सरकार ने सरकारी रेकॉर्ड में उन्हें मुस्लिम बता रखा है। राजस्थान पत्रिका में 17 नवंबर के अंक में 'जन्म से हिन्दू हैं, प्रशासन 10 साल से मानने को तैयार नहींÓ शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद दोनों ही समाजों ने 13 नवम्बर 1978 को डूंगरपुर महारावल लक्ष्मण सिंह ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के पद पर रहते हुए राजस्थान क्षत्रिय दमामी समाज के मंदिर में धर्मशाला की आधारशिला रखकर शिलान्यास करने का प्रमाण जुटाया है। भाटों की लिखी पोथी एवं प्राचीन पत्र-पत्रिकाओं, दैनिक दरबार पत्रिका , दमामी नगारची राजपूत, राज परिजन परिचय, राजस्थान जातियों की खोज जैसी अनेक पुस्तकों में क्षत्रिय दमामी समाज का उल्लेख भी बताया है। समाज के वरिष्ठों ने दावा किया है कि इतने प्रमाण उन्हें हिन्दू मानने के लिए पर्याप्त हैं। दूसरी ओर सरकार स्तर पर उन्हें मुस्लिम धर्मावलंबी बताकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन के दौरान भी उन्हें इसी समस्या के बीच स्पष्टीकरण देना पड़ रहा है।
दी आंदोलन की चेतावनी
इधर, दमामी व नंगारची समाज के अखिल क्षत्रिय दमामी समाज मेवाड़, रणधवल राजपूत संगठनों की ओर से सरकारी रेकॉर्ड में बरती जा रही खामी को लेकर नाराजगी जताई गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवेंद्रसिंह सोलंकी, देवीलाल दात्या ने चेतावनी दी है कि सरकार की ओर से समय रहते संशोधन नहीं किया जाता है तो उनकी ओर से आंदोलन का रास्ता चुना जाएगा। उन्होंने रेकॉर्ड में सुधार कर उन्हें हिन्दू बताने की मांग की।
मुख्यमंत्री को लिखेंगे
दमामी व नंगारची जातियां हिन्दू समाज का अभिन्न अंंग हैं। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर रेकॉर्ड सुधारकर दोनों समाजों को हिन्दू धर्म का दर्जा देने के लिए अवगत कराया जाएगा।
अर्जुनलाल मीणा, सांसद, उदयपुर
सोची समझी साजिश
हिन्दू समाज की जातियों को सरकारी दस्तावेज में मुस्लिम धर्मावलंबी बतना सोची समझी साजिश का हिस्सा जान पड़ता है। इसके कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। hindu muslim issue जरूरत पडऩे पर आंदोलन का रास्ता चुना जाएगा।
रविकांत, प्रांत महामंत्री, हिन्दू जागरण मंच