
भाजपा व जनता सेना ने हाथोंहाथ बाड़ेबंदी की, कांग्रेस ने संभाला मोर्चा
उदयपुर/ कानोड़. nagar palika news कानोड़ नगर पालिका चुनाव के बाद राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी का दौर शनिवार रात से ही शुरू हो गया। शाम 5 बजे बाद बंद हुई मतदान प्रक्रिया के तुरंत बाद भाजपा और जनता सेना ने तय रणनीति के तहत प्रत्याशियों की हाथोंहाथ बाड़ेबंदी की, जबकि कांग्रेस ने रविवार दोपहर को बाड़ेबंदी के लिए मोर्चा संभाला। कांग्रेस ने कोठारी निवास से सभी प्रत्याशियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इधर, उदयपुर नगर निगम में रविवार तक बाड़ेबंदी जैसी कोई सूचना सामने नहीं आई। दूसरी ओर बाड़ेबंदी के बीच कानोड़ से गोपनीय स्थान पर पहुंचाए गए भाजपा के प्रत्याशियों की ओर से सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया, जो कि पूरे दिन मोबाइल पर लोगों के बीच घूमता रहा। इधर, चुनावी गतिविधियों के समाप्त होने के बाद भी कानोड़ की गलियों में लोगों की चर्चाओं को राजनीतिक खुमारी को भाव कम नहीं हुए। चुनाव के बाद लोगों में बोर्ड गठन सहित अन्य विषयों को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम रहा। राजनीतिक संगठनों की ओर से तय रणनीति के तहत मतगणना के दिन यानी 19 नवंबर तक प्रत्याशियों को नजरबंद रखा जाएगा। परिणाम सकारात्मक रहने पर इन प्रत्याशियों को 27 तक घेरे बंदी में रखा जाएगा। प्रक्रिया के तहत 26 नवम्बर को बहुमत वाले राजनीतिक संगठन की ओर से अध्यक्ष पद के नाम की घोषणा होगी, जबकि 27 को उपाध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा। बता दें कि मतगणना स्थल पंडित उदय जैन महाविद्यालय परिसर रहेगा।
चाय की थडिय़ों पर 'राजनीतिÓ
कहने को कानोड़ में चुनाव के बाद राजनीतिक गतिविधियों पर चुनावी विराम भले ही लग गया हो, लेकिन चाय की थडिय़ों पर स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। लोगों में त्रिकोणीय मुकाबले के बीच किसी भी पार्टी को खुलकर समर्थन नहीं मिलने की चर्चाएं जोरों पर रही। इस बीच लोगों ने उनके पुराने अनुभवों को आपस में साझाकर नए बोर्ड को लेकर चर्चाएं की। चाय की थडिय़ों पर चुस्कियों के बीच चर्चाओं का यह कारवां धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।
मतदाताओं की चिंता
चर्चा के बीच चिंतित लोगों ने पुराने अनुभव पर खासी बहस की। बातों में पुरानी तस्वीर की कहानी को दोहराते हुए भाजपा का बोर्ड बनने और कांग्रेस का पर्दे के पीछे से धुरविरोधी भाजपा को समर्थन देने की चर्चाएं हुई। दूसरी ओर सवालों के बीच जनता सेना का बोर्ड और भाजपा को उसका समर्थन मिलने जैसी बातें हुई। इस बार विधानसभा प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया का जनता सेना सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर के प्रति नरम रवैया भी राजनीतिक गणित में फेरबदल करने का इशारा देते रहे। हालांकि, अब वह दिन भी दूर नहीं, जब परिणाम लोगों के सामने होंगे और नए पालिका अध्यक्ष की तस्वीर साफ होगी।
11 पार्षदों का खेल
बता दें कि कानोड़ नगर पालिका में कुल 20 वार्ड हैं। यानी कि 20 ही पार्षद हैं। कायदों के तहत बोर्ड बनाने वाले राजनीतिक संगठन को अध्यक्ष बनाने के लिए 11 पार्षदों का समर्थन मिलना चाहिए। इसलिए तैयारियों को देखते हुए भाजपा और जनता सेना ने बिना देर लगाए उनके प्रत्याशियों की घेराबंदी कर डाली, जबकि कांग्रेस में बोर्ड अध्यक्ष को लेकर लोगों में उस तरह का उत्साह नहीं दिख रहा, जैसा होना चाहिए।
इन वार्डों पर खास नजर
वार्ड संख्या आठ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सुनील चौबीसा की हालात पतली लग रही है। वहीं वार्ड संख्या 11 में नगर पालिका की पूर्व उपाध्यक्ष सुशीला टेलर के चुनाव हारने की चर्चाएं हैं। भाजपा व जनता सेना के बीच कड़ी टक्कर के बाद भाजपा फिलहाल भारी लग रही है। इस वार्ड में पूर्व पार्षद राजकुमारी कामरिया की प्रतिष्ठा दांव पर है । वार्ड 16 पर भी सबकी निगाहें टिकी है। कारण कि यहां भाजपा के कद्दावर कहे जाने वाले गिरधारी लाल सोनी चुनाव मैदान में डटे थे, जिनको नुकसान होता दिखा है। इस वार्ड में कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वार्ड 13 में नमो विचार मंच के लक्ष्मीलाल ओड़ व पूर्व पार्षद लोकेश सुथार की प्रतिष्ठा पर भी संकट है। वार्ड 17 में जनता सेना के पार्षद कोमल चौधरी आगे दिख रहे हैं। वार्ड 19 में नेता प्रतिपक्ष दिलीप सिंह सोलंकी व पार्षद भवानी सिंह के बीच कुछ वोटों का अंतर रह सकता है। भाजपा तीसरे पायदान पर है । वहीं सबसे ज्यादा निगाहे वार्ड 19 पर हैं, जहा नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री अनिल कोठारी व जनता सेना के प्रदेश पदाधिकारी पारस नागौरी के बीच कांटों की टक्कर दिखाई दे रही थी। nagar palika news यहां पर भी भाजपा के तीसरे मोर्चे पर होने की आशंकाएं जन्म ले रही है।
Published on:
17 Nov 2019 11:53 pm
