
उदयपुर/ फलासिया/ झाड़ोल. jhola chhap doctors झोलाछाप डॉक्टर्स को लेकर उपखण्ड का प्रशासनिक अमला सख्त है। उपखण्ड अधिकारी स्तर पर कार्रवाई सेे भयभीत झोलाछाप अब भागते फिर रहे हैं। उपखण्ड अधिकारी स्तर पर बिरोठी और बाघपुरा में आकस्मिक कार्रववाई की गई। इससे पहले रविवार को भी उपखण्ड अधिकारी ने बाघपुरा में कार्रवाई कर तीन झोलाछापों को पुलिस के हवाले किया। इधर, बिरोठी में झाड़ोल उपखण्ड अधिकारी टी शुभमंगला की ओर से मेडिकल स्टोर की आड़ में संचालित दो अवैध क्लीनिकों की प्रशासनिक आदेश पर चिकित्सक डॉ. राजेंद्र मीणा, डॉ. श्रवण, मेल नर्स पंकज भट्ट, श्याम सुंदर, औषधि निरीक्षक विशाल जैन व पानरवा थानाधिकारी सकाराम गरासिया ने पड़ताल की। सीज किए गए क्लीनिकों के अवैध संचालन से जुड़े सभी सबूत जुटाकर चिकित्सा दल ने उसकी रिपोर्ट थानाधिकारी को सौंपी। पानरवा थानाधिकारी ने बताया अवैध क्लीनिक संचालन के आरोपी असीम मलिक व विष्णु सरगल अब तक लापता हैं। उनकी तलाश जारी है और कार्रवाई भी। दूसरी ओर बाघपुरा में भी सीज किए गए क्लीनिकों पर आगे की कार्रवाई के लिए भी निर्देश दिए।
मचा हुआ है हड़कंप
उपखण्ड अधिकारी स्तर पर बरती जा रही सख्ती से क्षेत्र के झोलाछापों में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई से सहमे झोलाछाप परिचितों से एसडीएम की लोकेशन पता कर रहे हैं। कुछ बंगाली चिकित्सक मामला ठंडा होने तक छुट्टियां मनाने निकल गए हैं। वहीं कुछ चोरी छिपे धंधा चला रहे हैं।
बाघपुरा में हुई थी गिरफ्तारी
इधर, बाघपुरा में एसडीएम स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस ने नीम हकीम समर विश्वास , कलमेश कुमार, प्रवीण मेघवाल को गिरफ्तार किया था। मौका कार्रवाई में तीनों आरोपी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए थे। jhola chhap doctors दुकानों पर बड़ी मात्रा में मिली एलोपैथिक दवाइयों की सूचना पर चौकी इंचार्ज एएसआई मांगीलाल मेघवाल ने तीनों ही दुकानों को सीज किया।