उदयपुर

कैलाशपुरी में पैंथर से दहशत, रेस्क्यू में जुटा वन विभाग

कैलाशपुरी में घायल पैंथर दिखाई देने से शुक्रवार सुबह दहशत फैल गई। वन विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन भीड़ और शोर के कारण पैंथर पहाड़ी चट्टान में छिप गया। फिलहाल टीम निगरानी में जुटी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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May 30, 2026
leopard in sub arban area
पहाड़ी पर नजर आया पैंथर

उदयपुर. कैलाशपुरी क्षेत्र में घायल पैंथर दिखाई देने से शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया। शनि मंदिर और सीताराम आश्रम के बीच मुख्य सड़क किनारे पैंथर के घायल अवस्था में दिखने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पर्यटक मौके पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में पैंथर की दहाड़ सुनाई दे रही थी।

शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग किनारे एक पैंथर को घायल और अस्वस्थ देखा। सूचना मिलने पर स्थानीय भाजपा नेता अशोक कुमार मोड़ ने तुरंत डीएफओ अजय चित्तौड़ा और बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी को अवगत कराया। डीएफओ के निर्देश पर फॉरेस्टर पंकज चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और ट्रेंकुलाइज टीम मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग पैंथर को देखने के लिए जमा हो गए थे। भीड़ और हलचल के कारण पैंथर घबराकर इधर-उधर भागता नजर आया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पैंथर घायल या बीमार प्रतीत हो रहा था। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल क्षेत्र में अकेले नहीं जाने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

भीड़ हटाने में करनी पड़ी मशक्कत

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैलाशपुरी चौकी इंचार्ज केसर सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और वन विभाग की टीम को रेस्क्यू कार्य के लिए रास्ता साफ कराया। वन विभाग की टीम ने काफी देर तक पैंथर को ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास किया, लेकिन वह एक पहाड़ी चट्टान के भीतर जाकर छिप गया, जिससे उसे बेहोश नहीं किया जा सका। फिलहाल टीम मौके पर निगरानी बनाए हुए है।

दो दिनों से सुनाई दे रही थी दहाड़

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पिछले दो दिनों से देर रात और सुबह के समय पैंथर की दहाड़ सुनाई दे रही थी। इससे आसपास के गांवों में पहले से ही डर का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार सुबह पैंथर के दिखाई देने के बाद लोगों में दहशत और बढ़ गई। पैंथर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे वन विभाग की कार्रवाई प्रभावित हुई। शोर और भीड़ के कारण पैंथर लगातार स्थान बदलता रहा और अंत में पहाड़ी चट्टान में छिप गया।

Updated on:
30 May 2026 06:30 pm
Published on:
30 May 2026 06:29 pm