
AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर
Udaipur Ration Dealer Fraud: उदयपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बारापाल तहसील की खजूरी पंचायत में एक राशन डीलर की ओर से पात्र उपभोक्ताओं के गेहूं में गड़बड़ी करने का मामला उजागर हुआ है। जिला रसद विभाग की जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद आरोपी राशन डीलर भैरूलाल गमेती के खिलाफ गोवर्धन विलास थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है। साथ ही विभाग ने उसका राशन लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि खजूरी पंचायत के सरपंच से मिली शिकायत के आधार पर विभागीय जांच कराई गई थी। जांच के दौरान पोस मशीन के रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद गेहूं के स्टॉक का मिलान किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर 163.50 क्विंटल गेहूं उपलब्ध होना दर्ज था और मौके पर जांच के दौरान 41 क्विंटल गेहूं कम पाया गया।
डीलर से गेहूं कम मिलने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि गबन किए गए गेहूं की कीमत करीब 1 लाख 63 हजार रुपए बताई गई है, जिसकी वसूली आरोपी राशन डीलर से की जाएगी।
उदयपुर जिला रसद विभाग की प्रवर्तन अधिकारी डॉ. निशा मूंदड़ा ने बताया कि आरोपी राशन डीलर की दो वितरण इकाइयां संचालित थी। पहले सेंटर पर निरीक्षण के दौरान गेहूं कम मिलने पर डीलर ने दावा किया कि बचा हुआ स्टॉक दूसरे सेंटर पर रखा हुआ है। इसके बाद टीम ने दूसरे सेंटर पर पहुंचकर जांच की, लेकिन वहां भी स्थिति अलग नहीं मिली।
दूसरे सेंटर पर जांच के दौरान केवल एक क्विंटल गेहूं बिखरा हुआ मिला, जबकि बाकी पूरा स्टॉक गायब था। विभागीय टीम ने दोनों स्थानों पर जांच कर रिकॉर्ड और स्टॉक की स्थिति का मिलान किया, जिसमें भारी अंतर सामने आया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर रसद विभाग ने राशन डीलर भैरूलाल गमेती का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी गेहूं के गबन को लेकर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है। विभाग का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता और राशन सामग्री के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अब दर्ज एफआइआर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि गेहूं की कमी किस तरह हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। वहीं विभाग की ओर से राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आगे भी निरीक्षण और निगरानी जारी रखने की बात कही है।
Updated on:
29 Jul 2026 09:16 am
Published on:
29 Jul 2026 09:16 am
