
उदयपुर . विवाहिता के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपित को न्यायालय ने सात वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। खेरोदा थाने में जून 2016 में एक पीडि़ता ने बाठेड़ाखुर्द निवासी प्रकाश पुत्र किशनलाल मेघवाल के विरुद्ध अपहरण व दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज करवाया था। आरोप पत्र पेश होने पर लोक अभियोजक प्रेमसिंह पंवार ने 9 गवाह व 9 दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (महिला उत्पीडऩ प्रकरण) के पीठासीन अधिकारी डॉ.दुष्यंत दत्त ने आरोपित को धारा 366 में 7 वर्ष की कैद व 10 हजार एवं धारा 344 में 2 वर्ष के कठोर कारावास व 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
यह था मामला
पीडि़ता ने बताया कि 28 मई 2016 को वह पति से अनबन होने पर पीहर जाने के लिए भटेवर पुराना बस स्टैण्ड खड़ी थी, तभी प्रकाश मेघवाल उसके पास आया और रिश्तेदारी निकालते हुए बातचीत करने लगा। उसने उदयपुर के ोमपुरा में मौसी की लडक़ी के पास जाने की बात कही तो आरोपित प्रकाश ने भी खेमपुरा में ही काम करने का बहाना कर छोडऩे का ारोसा दिलाया। पीडि़ता आरोपित पर विश्वास कर उसके साथ बस से खेमपुरा आ गई। वहां से आरोपित उसे बहला कर सूरजपोल ले आया। अंधेरा होने तक वहां से बस स्टैण्ड लाकर इधर-उधर घूमाया। रात में उसे महिलाओं के पास सुला दिया। सुबह होने पर चाय पिलाई, उसके बाद ही उसे चक्कर आ गए और वह बेहोश हो गई। होश आया तो उसने स्वयं को एक कमरे में पाया।
पीडि़ता का कहना है कि आरोपित ने इस बीच चाकू दिखाकर उसका पहना मंगलसूत्र व पायजेब छीन लिया। उसने स्वयं को कुंवारा बताते हुए शादी का प्रस्ताव भी रखा। मना किया तो उसने चाकू दिखाते हुए उसे पीटा। पीडि़ता का कहना था कि आरोपित ने उसे कई दिनों तक कमरे में रखते हुए दुष्कर्म की भी कोशिश की। 9 जून को उसने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर उसे छोड़ गया। गांव आकर उसने पूरा घटनाक्रम परिजनों को बताया तो वे उसे थाने लाए। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं करने पर पीडि़ता ने न्यायालय में इस्तगासा पेश किय