सज्जनगढ़ अभयारण्य में जुड़ेंगे वन्यजीव पर्यटन के नए आकर्षण, लॉयन के जोड़े की शिफि्टंग के लिए गुजरात से आएगी एक्सपर्ट टीम
उदयपुर. सज्जनगढ़ अभयारण्य एवं जैविक उद्यान में पर्यटकों के लिए नए आकर्षण जल्द शामिल होने की उम्मीद है। सज्जनगढ़ अभयारण्य में प्रदेश का दूसरा लॉयन सफारी तो जैविक उद्यान में प्रदेश का पहला रेप्टाइल हाउस बनकर तैयार है। लॉयन सफारी में जहां पर्यटक खुले में शेरों को घूमते देख सकेंगे तो वहीं रेप्टाइल हाउस में रेंगने वाले जीवों की दुर्लभ प्रजातियों को निहार सकेंगे। इसी के साथ नए रेस्क्यू सेंटर का उद्घाटन और जिराफ एनक्लोजर का शिलान्यास भी प्रस्तावित है। उदयपुर के वन्यजीव पर्यटन में जुड़ने वाले सबसे प्रमुख आकर्षण के रूप में 3 करोड़ 45 लाख की लागत से लॉयन सफारी का कार्य पूरा हो चुका है। सज्जनगढ़ अभयारण्य के 20 हेक्टेयर क्षेत्र में बने सफारी में गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग जूलॉजिकल पार्क से लाए गए नर और मादा एशियाटिक लॉयन सम्राट एवं सुनयना के जोड़े को छोड़ा जाएगा। पिछले साल अगस्त माह की शुरुआत में इस जोड़े को जूनागढ़ से उदयपुर लाया गया था। तभी से ये सज्जनगढ़ जैविक उद्यान के कैज में रह रहे हैं। इन्हें लॉयन सफारी में शिफ्ट करने के लिए जूनागढ़ से ही एक्सपर्ट टीम आएगी। इन्हें खुले में शिफ्ट करने के बाद उनके व्यवहार पर नजर रखी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में एशियाटिक लॉयन की ब्रीडिंग से इनका कुनबा बढ़ेगा। ऐसे में लॉयन सफारी के होल्डिंग एरिया में 10 कैज तैयार किए गए हैं।
लॉयन सफारी का प्रवेश शुल्क सज्जनगढ़ जैविक उद्यान एवं पैलेस से अलग होगा। शुरुआत में प्रवेश शुल्क 160 रुपए प्रति व्यक्ति तय किया गया है। सफारी की शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह, सात व आठ पर्यटकों की क्षमता वाली जिप्सी का संचालन किया जाएगा। यहां वाहनों के आवागमन के लिए पांच किलोमीटर का पाथ-वे तैयार किया गया है। जिप्सी से पर्यटकों को लॉयन सफारी की सैर करवाई जाएगी। पर्यटक जहां खुले में शेर के जोड़े को घूमते देख सकेंगे, वहीं यहां बनाया गया व्यू प्वाइंट Òक्लाउड-9Ó भी खास होगा। यहां से सैलानी शहर का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे।
सज्जनगढ़ जैविक उद्यान में अब सरिसृप प्राणियों की दुर्लभ प्रजातियां भी देखने को मिलेगी। इसके लिए अलग से टिकट नहीं होगा। जैविक उद्यान के टिकट में ही यह नया अनुभव पर्यटकों के लिए जुड़ेगा। इसके लिए कांच के विशेष एनक्लोजर तैयार किए गए हैं। जिनके भीरत रेंगते जीवों को दखा जा सकेगा। यहां किंग कोबरा (इंडियन), ट्रावेंकोरटोर्टोइज (इंडियन), रसेल्स वाइपर (इंडियन), रॉयल स्नेक (इंडियन), इंडियन रॉक पायथॉन, बॉल पायथॉन (हाइब्रिड, एग्जोटिक), ग्रीन लुगआना (एग्जोटिक), रेड लुगआना (एग्जोटिक), अर्जेंटाइन ब्लैक एंड व्हाइट टेगू (एग्जोटिक), गालापेगोसटोर्टोइज(एग्जोटिक) प्रजातियों के सर्प एवं कछुए देखने को मिलेंगे।
लॉयन सफारी एवं रेप्टाइल हाउस के उद्घाटन के साथ ही सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में दो करोड़ की लागत से बनने वाले जिराफ एनक्लोजर का शिलान्यास भी किया जाएगा। इसका निर्माण यूडीए के आर्थिक सहयोग से किया जाएगा। सज्जनगढ़ राजस्थान का पहला बायोलॉजिकल पार्क होगा, जहां जिराफ देखने को मिलेंगे। माना जा रहा है कि उद्घाटन के छह माह की अवधि में इस कार्य पूरा हो जाएगा। इसके लिए मैसूर से एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जिराफ का जोड़ा लाया जाएगा। भविष्य में इनकी ब्रीडिंग से यहां जिराफ की आबादी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
लॉयन सफारी और रेप्टाइल हाउस का कार्य तो लगभग पूरा हो गया है। उद्घाटन समारोह के लिए अतिथियों का समय लेने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लॉयन के जोड़े को शिफ्ट करने के लिए गुजरात से एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई जाएगी।
- सुनील कुमार सिंह, उपवन संरक्षक (वन्यजीव), उदयपुर