LPG Gas Crisis: घरेलू गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर बुक करने के बाद कई स्थानों पर 2 से 4 दिन तक डिलीवरी में देरी हो रही है। इससे घरों की रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
Lpg Gas Crisis: उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही देरी ने आम उपभोक्ताओं से लेकर शादी-समारोह के आयोजकों तक की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि जिन घरों में अगले 25 से 30 दिनों में शादी है, वे लोग अभी से गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।
शहर में इन दिनों बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। ऐसे में एक बड़े आयोजन में भोजन व्यवस्था के लिए सामान्यतः 15 से 20 गैस सिलेंडर तक की जरूरत पड़ती है, लेकिन वर्तमान हालात में इतने सिलेंडर एक साथ जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। कई आयोजकों को बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे पूरी रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर बुक करने के बाद कई स्थानों पर 2 से 4 दिन तक डिलीवरी में देरी हो रही है। इससे घरों की रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में लाखों घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों के माध्यम से गैस आपूर्ति की जाती है, लेकिन मांग अधिक होने के कारण वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
सावे की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, शादी वाले घरों में अन्य तैयारियों से ज्यादा गैस सिलेंडर की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। कई परिवार अभी से रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर रहे हैं, जिनके पास अतिरिक्त सिलेंडर हैं, ताकि आयोजन के समय परेशानी न हो।
कुछ लोग शादी के पूरे भोजन प्रबंधन का ठेका कैटरर्स को दे रहे हैं, जिससे सिलेंडर की व्यवस्था भी वही कर सकें। वहीं जहां एक ही दिन में दो-तीन शादी समारोह हो रहे हैं, वहां कई कैटरर्स एक ही स्थान पर खाना बनाकर अलग-अलग कार्यक्रमों में भेजने की व्यवस्था कर रहे हैं।
गैस सिलेंडर की किल्लत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला रसद अधिकारी कार्यालय में अब तक 35 से अधिक आवेदन शादी-समारोह के लिए अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए पहुंच चुके हैं।
अधिकारी उन लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनकी शादी की तारीख नजदीक है। ऐसे मामलों में 2 से 3 सिलेंडर तक की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है, लेकिन इससे भी पूरी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही।
कैटरिंग संचालकों का कहना है कि कई बार कार्यक्रम के दौरान अचानक गैस खत्म होने की स्थिति में उन्हें बाजार से महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं। इससे आयोजन की लागत भी बढ़ रही है। कई जगहों पर लगातार जल रही रसोई भट्टियों के कारण गैस की खपत ज्यादा हो रही है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कंपनियों की ओर से नियमित आपूर्ति की जा रही है और मांग के अनुसार वितरण किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कालाबाजारी न हो।
हालांकि उपभोक्ताओं और कैटरिंग संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शादी-समारोह के दौरान भोजन व्यवस्था करना और भी मुश्किल हो सकता है।