
भुवनेश पण्ड्या/उदयपुर . मरीज को तत्काल उपचार मुहैया करवाने के उद्देश्य से महाराणा भूपाल हॉस्पिटल की इमरजेंसी को अब दो हिस्सों में बांटा गया है। एक या दो दिन में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। अब स्टाफ की यह बहानेबाजी बिलकुल नहीं चलेगी कि वह किसी अन्य काम में व्यस्त था, जिससे जरूरत वाले मरीज को नहीं देख पाया।
केजुअल्टी वार्ड, प्लास्टर रूम और वीआईपी ड्यूटी में प्रभारी चमन सिंह देवड़ा रहेंगे, जबकि हेल्प डेस्क प्रभारी विश्वेश्वरदयाल त्रिवेदी रहेंगे। दोनों को अलग-अलग स्टाफ दिया जाएगा, ताकि जरूरत होने पर आपाधापी नहीं मचे। कई बार स्टाफ इधर-उधर व्यस्त होने का बहाना बना लेता था। दो प्रभारी होने के बाद मरीजों को तत्काल देखा जाएगा। स्टाफ 24 घंटे नियमित काम करेगा। काम बंट जाने से किसी को परेशानी नहीं रहेगी।
इसी सप्ताह शुरू होगी हेल्प डेस्क
हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में इसी सप्ताह हेल्प डेस्क शुरू हो जाएगी जिससे किसी भी मरीज को कोई परेशानी होने पर तत्काल सहायता मिल सकेगी। यह हेल्प डेस्क फोन नम्बर 102 से भी काम करेगी। हेल्प डेस्क पर एक चिकित्सक, एक स्टाफ कर्मी और एक नर्सिंग कर्मी 24 घंटे रहेंगे। किसी को कोई वार्ड नहीं मिल रहा, कोई मरीज को नहीं देख रहा, इमरजेंसी में तत्काल उपचार की जरूरत सहित अन्य कोई भी परेशानी होने पर तत्काल सेवाएं मिल सकेंगी।
बेहतरी के लिए बदलाव
बेहतर व्यवस्था के लिए परिवर्तन कर रहे हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को तत्काल मदद मिल सके। इमरजेंसी में हेल्प डेस्क शुरू होते ही मरीजों की अधिकतर समस्याएं तत्काल समाप्त हो जाएगी। - डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल उदयपुर