
Rajasthan schools reopen। Photo AI
उदयपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से जिले सहित प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी। स्कूल खुलने के साथ ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी राजकीय विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य जिला शिक्षाधिकारी एवं समग्र शिक्षा उदयपुर प्रतिभा गुप्ता ने जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा राजस्थान की ओर से जारी गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करे।
-विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विद्यालयों में भवनों की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं और मानसून के दौरान संभावित जोखिमों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी।
-किसी भी जर्जर, असुरक्षित अथवा बारिश में टपकने वाले भवन या कक्ष में विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जाएगा। ऐसे भवनों की तत्काल बैरिकेडिंग कर प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा।
-आवश्यकता होने पर वैकल्पिक सुरक्षित भवनों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। लंबे समय से जर्जर पड़े विद्यालय भवनों को नियमानुसार ध्वस्त कराने की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
-विद्यालय खुलते ही भवनों की छतों की सफाई, वर्षा जल निकासी के नालों और पाइपों की मरम्मत तथा परिसर में जलभराव रोकने की व्यवस्था करना अनिवार्य किया गया है।
-विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, पानी की टंकियों और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी शौचालयों में रनिंग वाटर, नियमित सफाई, छात्राओं के लिए पृथक शौचालय और खराब दरवाजों की मरम्मत भी अनिवार्य होगी।
प्रत्येक विद्यालय को निकटतम अस्पताल, स्वास्थ्य केन्द्र, पुलिस थाना और अग्निशमन केन्द्र की सम्पर्क सूची तैयार कर सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। विद्यालयों में खुले बिजली के तारों की मरम्मत, वायरिंग की सुरक्षा तथा कुओं, टैंकों और अन्य जल स्रोतों के पास विद्यार्थियों के जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विद्यालयों में निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहा है, वहां विद्यार्थियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में हो, इसके लिए सभी विद्यालयों को मानसून के दौरान आवश्यक सतर्कता बरतने, भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित वातावरण में अध्ययन का अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी संस्था प्रधानों से इन दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने को कहा है।
Updated on:
28 Jun 2026 08:34 pm
Published on:
28 Jun 2026 08:34 pm
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