
उदयपुर . महाराणा भूपाल चिकित्सालय के पन्नाधाय हाॅस्पीटल मेें काम करने वाले ठेकाकर्मियो को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार की तानाशाही और अस्पताल प्रशासन के सहयोग नहीं करने सोमवार को जनाना हाॅस्टिपल में काम करने वाले तमाम ठेकाकर्मी हड़ताल पर उतर गए। इन कर्मचारियों मे स्वीपर, वार्ड बाॅय, वार्ड आया, चाैकीदार लिफ्ट मैन तक शामिल हैं।
करीब 150 संविदाकर्मी प्रदर्शन करते हुए सुबह-सुबह जनाना अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी करने लग गए। बाद में इन्होंने अस्पताल अधीक्षक डाॅ पूनम पोसवाल को ठेकेदार द्धारा 2 महीने का वेतन नहीं देने को कहा तो केवल आश्वासन मिला। इस पर विरोध बढ़ गया और ठेकाकर्मियों ने जब तक पुराना बकाया वेतन नहीं मिले,पीएफ ईएसआई जमा नहीं हो तब तक काम पर नहीं लौटने का ऐलान कर दिया। यह संविदाकर्मी संभागीय आयुक्त श्रम आयुक्त के पास भी गए और ज्ञापन दिया। इन कर्मचारियों ने पहले भी प्रदर्शन किया लेकिन ठेकेदार वीरसिंह राणावत ने इनको वेतन नहीं दिया। इस प्रदर्शन से अस्पताल में व्यवस्था चरमरागई है।
चिकित्सकों का विरोध प्रदर्शन जारी
उदयपुर. अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिस्दा) के पदाधिकारियों के तबादलों के विरोध में सेवारत चिकित्सकों ने सोमवार को लगातार 6ठेें दिन प्रदर्शन किया। प्रदेश भर में डॉक्टरों की 2 घंटे के कार्य बहिष्कार को स्थगित करते हुए समस्त चिकित्सक सोमवार सुुबह 9 बजे से ही चिकित्सालयों के बाहर ओपीडी लगाकर मरीजों को देखा। शहर के हिरणमगरी से 6 स्थित सेटेलाइट अस्पताल में पोर्च में बैठ कर मरीजों को डॉक्टर्स ने देखा।
सर्द सुबह में टेंट के नीचे टेबल-कुर्सी लगाकर चिकित्सकों ने दो घंटे के आउटडोर के दौरान मरीजों को परामर्श सेवाएं दी। कपड़ों पर काली पट्टी बांधकर दी जा रही सेवाएं मरीजों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। इधर, तबादले के विरोध में ठोस कार्रवाई को लेकर अरिस्दा के अल्टीमेटम की अवधि रविवार रात को खत्म हो गई। सोमवार को अरिस्दा कोर कमेटी की आवश्यक बैठक जयपुर में हुुुुई। पदाधिकारियों की मानें तो अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदेालन में तेजी आएगी।