उदयपुर

Ravindra Singh Bhati: कोरोना काल में आंदोलन के मामले में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी दोषमुक्त, कोर्ट ने सुनाया फैसला

mla ravindra singh bhati: कोरोना काल में धरना प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामले में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी को बड़ी राहत मिली है। उदयपुर कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। विधायक भाटी पर सरकारी आदेशों की अवहेलना, सरकारी कार्य में बाधा और शांति भंग करने के आरोप थे।
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Aug 05, 2026
mla ravindra singh bhati
mla ravindra singh bhati (Patrika Photo)

mla ravindra singh bhati news: राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से विधायक रविंद्र सिंह भाटी को उदयपुर की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोरोना महामारी के दौर में नियम तोड़कर धरना प्रदर्शन करने से जुड़े एक पुराने मामले में उदयपुर कोर्ट ने मंगलवार को अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए विधायक भाटी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा विवाद उस समय का है, जब रविंद्र सिंह भाटी जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU), जोधपुर के छात्र संघ अध्यक्ष थे। उस दौरान पूरा देश कोरोना वैश्विक महामारी और सख्त लॉकडाउन की पाबंदियों से जूझ रहा था। महामारी के कारण कई परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। इस विपरीत परिस्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों पर फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था।

फीस वसूली का खुलकर विरोध

छात्रों के आर्थिक हित में विधायक भाटी ने इस फीस वसूली का खुलकर विरोध किया और विश्वविद्यालय परिसर में एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया। भाटी के इस तेवर को देखते हुए तत्कालीन प्रशासन ने उन्हें छात्रसंघ अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद विरोध की आग और भड़क गई तथा प्रदेश भर में जगह-जगह प्रदर्शन शुरू हो गए। इस आंदोलन ने पूरे राजस्थान का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।

तत्कालीन सरकार ने अपनाया था सख्त रुख

आंदोलन के दौरान कोविड-19 की पाबंदियों के उल्लंघन को लेकर तत्कालीन राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस ने विधायक भाटी सहित आंदोलन से जुड़े अन्य नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने एक्स पर लिखा…

संघर्षस्य सदा विजयः भवति।
पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कॉलेज विद्यार्थियों पर की गई फीस वृद्धि के विरोध में प्रदेशभर के छात्र-छात्राओं के साथ "छात्र क्रांति" का आयोजन किया गया था। छात्र हितों की इस लोकतांत्रिक लड़ाई को दबाने के उद्देश्य से सरकार ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया, किंतु सत्य और छात्रहित के संकल्प के आगे हर बाधा छोटी साबित हुई। हमने संघर्ष को निरंतर जारी रखा और विधानसभा घेराव सहित लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद की।
आज उदयपुर न्यायालय द्वारा उन सभी मुकदमों से हमें सम्मानपूर्वक मुक्ति प्रदान की गई। यह निर्णय सत्य, न्याय और लोकतांत्रिक संघर्ष की विजय का प्रतीक है। यह जीत केवल मेरी नहीं, बल्कि उन हजारों छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और प्रत्येक शुभचिंतक की है, जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में अपना विश्वास, आशीर्वाद और समर्थन बनाए रखा। आप सभी के स्नेह, विश्वास और सहयोग के लिए हृदय से आभार। छात्र हित, युवा अधिकार और जनसरोकारों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर जारी रहेगा। सत्यमेव जयते।

ये रहा कोर्ट का फैसला

यह केस लंबे समय से उदयपुर न्यायालय में विचाराधीन था। मामले में रविंद्र सिंह भाटी की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह चुंडावत और योगेंद्र चारण ने मजबूत पैरवी की। वकीलों ने अदालत के समक्ष तर्क दिए कि यह प्रदर्शन छात्रों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए था और लगाए गए आरोप निराधार हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद भाटी को सभी धाराओं और आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया। इस फैसले के बाद विधायक समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

Updated on:
05 Aug 2026 01:59 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:45 pm