
Rajasthan Monsoon 2026: उदयपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून के मेवाड़-वागड़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश का इंतजार अब अंतिम चरण में है। 21 जून से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की मानसूनी शाखाएं आगे बढ़ी हैं। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश शुरू हो गई है। इसके प्रभाव से दक्षिणी राजस्थान, खासकर मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में भी इस सप्ताह मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। हालांकि शुरुआती दौर में मानसून कमजोर रह सकता है और बहुत अधिक बारिश की उम्मीद नहीं है।
आमतौर पर हर वर्ष 18 से 22 जून के बीच अरब सागर की शाखा सबसे पहले मेवाड़-वागड़ क्षेत्र से राजस्थान में प्रवेश करती रही है, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रहने से अब तक प्रदेश में आधिकारिक प्रवेश नहीं हो पाया है। इसके बावजूद पिछले दिनों उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और हाड़ौती क्षेत्र में हुई प्री-मानसून बारिश ने मौसम को राहतभरा बनाया था।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगर परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो मानसून राजस्थान में 28 जून के बाद ही प्रवेश करेगा। मानसून की देरी से किसानों की निगाहें मौसम पर है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं, शहरवासी भी तेज गर्मी और उमस से राहत दिलाने वाली बारिश की राह देख रहे हैं। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही रहा तो इसी सप्ताह मानसून की दस्तक हो सकती है।
मानसून के पहले चरण में भारी वर्षा के संकेत नहीं हैं। शुरुआती दौर में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के अधिक सक्रिय होने के आसार हैं।