उदयपुर

निर्माण खामियों की अनदेखी से बीमार हो रही हैं ग्रामीण जिंदगियां

national high way construction नेशनल हाई-वे संख्या 58 ई का मामला, हर सांस के साथ फेफड़ों में जा रही है उड़ी धूल
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निर्माण खामियों की अनदेखी से बीमार हो रही हैं ग्रामीण जिंदगियां
निर्माण खामियों की अनदेखी से बीमार हो रही हैं ग्रामीण जिंदगियां

उदयपुर/ झाड़ोल.national high way construction काया कुंडाल से ईडर गुजरात वाया झाड़ोल को जोडऩे वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 ई पर निर्माण को लेकर बरती जा रही खामियों को लेकर प्रशासनिक अनदेखी लोगों की आम जिंदगी में बीमारियों का 'जहरÓ घोल रही है। निर्माण के दौरान पानी छिड़कांव की अनुबंधित शर्तों की खुले में अवहेलना हो रही है। वाहनों के पहियों के साथ उडऩे वाली हर सांस के साथ लोगों को श्वास संबंधित बीमारियां दे रही है। निर्माण और विकास के नाम पर बीमार हो रहे लोगों की समस्या को लेकर हर स्तर पर अनदेखी की जा रही है। बायपास के नाम पर भी वाहन सवारों को केवल धोखे में रखा जा रहा है। पक्का बायपास बनाने की बजाए अस्थायी तौर पर केवल दिखावटी सुविधा से दुपहिया सवार आए दिन चोटिल हो रहे हैं। बहुत जगहों पर उखड़ी गिट्टी भी पहियों के साथ उछलकर लोगों को चोटिल करने का काम कर रही है। बता दें कि नेशनल हाई-वे की देखरेख में ठेका एजेंसी की ओर से जून 2018 में निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी।

खामियों में आम
निर्माण की तकनीकी खामी से हाई-वे से सटा जनजीवन या ढाबा संचालक ही परेशान नहीं हैं। दिनचर्या में राजकीय कार्र्यालयों को जाने वाले कर्मचारी, प्रतिदिन मजदूरी को जाने वाले मजदूर भी निर्माण की चक्की में ***** रहे हैं। पूरे रास्ते में लोगों को खुली हवा की बजाए हर सांस में धूल फांकनी पड़ रही है। विशेषज्ञों की मानें तो हवा में उड़ती धूल हर सांस के साथ फेफड़ों में जा रही है, जो गंभीर बीमारी को बुलावा देती है।
हर बार एक ही बात
नेशनल हाइवे पर निर्माण पर धूल उडऩे की शिकायत मिली है। ठेकेदार को पाबंद कर पानी का छिड़काव कराया जाएगा। रोड कार्य प्रगति पर है। बायपास दे रखे हैं। national high way construction खामियों को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
मदनलाल, अधिशासी अभियंता, नेशनल हाइवे, उदयपुर खण्ड

Published on:
12 Nov 2019 06:00 am