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सरकारी खरीद केन्द्रों पर पसरी वीरानी

किसान नहीं दिखा रहे रुचिसोयाबीन का बाजार मूल्य अधिक गत वर्ष के मुकाबले एक फीसदी भी नही हुई खरीद
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Desolation at government procurement centers

सरकारी खरीद केन्द्रों पर पसरी वीरानी

उदयपुर.राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद के लिए एक नवम्बर से खोले गए राजफैड के खरीद केन्द्र अभी भी सूने पड़े हैं। संभाग में खुले सभी 1 5 केन्द्रों पर एक किग्रा जिंस की खरीद भी नही हो पाई है। पंजीयन के नाम पर सोयाबीन के मात्र 26 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि उड़द का तो कहीं भी खाता ही नही खुला है। मूंगफली के 39 किसानों ने पंजीयन कराया है, इसकी भी खरीद नहीं हो पाई है। केन्द्रों पर दिनभर कर्मचारी माल आने की बाट जो रहे हैं लेकिन किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बारिश के बिगाड़े के बाद भी सोयाबीन का संभाग में अच्छा उत्पादन हुआ है, लेकिन बाजार में सोयाबीन की कीमत ज्यादा होने से किसान सरकारी खरीद केन्द्रों से मुंह मोडे़ हुए है। सरकार3710 रुपए प्रति क्विण्टल की दर से सोयाबीन खरीद रही है, जबकि बाजार में 3800 से 4000 रुपए कीमत है। अभी तक सोयाबीन का बांसवाड़ा में 2, बागीदौरा में 21 cड़ीसादड़ी में 1 एवं अरनोद में 2 किसानों ने ही पंजीयन कराया है। निम्बाहेड़ा, आसपुर, सागवाड़ा, प्रतापगढ़ एवं छोटीसादड़ी में एक भी किसान ने रजिस्ट्रेशन में रुचि नहीं दिखाई है। इसी तरह उड़द के चार सेन्टर खोले गए है, इसमें प्रतापगढ़, छोटीसादड़ी, अरनोद व निम्बाहेड़ा में भी एक भी पंजीयन नहीं हुआ है। मंूगफली के बेंगू में 37 एवं निम्बाहेड़ा में मात्र 2 रजिस्ट्रेशन हुए है।

इनका कहना है

गत वर्ष 10 नवम्बर तक उड़द की2338 क्वि. व सोयाबीन की 3241 क्वि.की खरीद हो चुकी थी, जबकि इस बार एक किग्रा की खरीद भी नहीं हुई है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3710, उड़द 5700 व मंूगफली का 5090 रुपए प्रति क्वि. निर्धारित कर रखा है। मंूगफली की खरीद 7 नवम्बर से शुरू हो चुकी है, लेकिन किसानों ने अभी तक दिलचस्पी नही दिखाई है। खरीफ जिंस की ९० दिन तक खरीद की जाएगी।

वीएन सिंह राठौड़

सहायक प्रबंधक

राजफैड