उदयपुर

यहां सिक्सलेन की चपेट में आए प्राकृतिक नाले, होंगे दफन !

बर्ड विलेज मेनार के जलाशयों को भरने में इस साल भी संकट तालाब तक पहुंच वाले बरसाती पानी के मार्ग पर संकट
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Updated: 12 Jun 2018, 6:02 PM IST
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सिक्सलेन की चपेट में प्राकृतिक नाले होंगे दफन !

उमेेेेश मेेेनार‍िया/मेनार. बर्ड विलेज के नाम से प्रख्यात मेनार के जलाशयों पर सिक्सलेन निर्माण का संकट गहरा रहा है। बरसाती पानी को जलाशयों तक पहुंचाने वाले प्राकृतिक नालों को दफनाकर सिक्सलेन की इबारत लिखी जा रही है। मेनार डाक बंगले से नवानिया चौराहे तक सडक़ के दोनों ओर हाइवे निर्माण के फेर में जलाशयों को जोडऩे वाले बरसाती नाले वर्तमान में दफन हो गए हैं। पानी निकासी वाली पुलियाएं मिट्टी में धंस चुकी हैं। दोनों छोर बने 10 फीट के नाले, जारी निर्माण का शिकार हो चुके हैं। तकनीकी तौर पर मेनार के जलाशयों की हकीकत यह है कि ब्रह्म सागर तालाब के ओवरफ्लो का पानी धण्ड तालाब में जाता है। ऐसे में ब्रह्म सागर में पानी नहीं पहुंचने पर धण्ड तालाब के भविष्य पर संकट आ सकता है। समय रहते प्रशासनिक अमल समस्या को लेकर नहीं चेता तो 10 हजार की आबादी वाले इन गांवों में भूजल स्तर गिरने का संकट भी गहरा सकता है। इसके अलावा खेती जैसे कार्य भी प्रभावित होंगे।
चिंता और समाधान
समस्या से सडक़ के दोनों छोर पर हजारों बीघा कृषि भूमि में बरसात के समय फसल खराब होने की आशंका है। पानी की अधिकता से जमीन की गुणवत्ता भी खराब होगी। अगर, सावधानी रखकर बरसात से पहले सडक़ के दोनों छोर पर नालों का निर्माण हो तो व्यवस्था सुधर सकती है। पुलिया के समीप पड़ी मिट्टी को हटाकर बहाव एवं माल क्षेत्र में मुंह बाए खड़ी बाधा को समाप्त कर व्यवस्था बहाल की जा सकती है।

पहले ही चेताया
सडक़ के दोनों तरफ नालों में मिट्टी डालकर जारी सिक्सलेन निर्माण पर आपत्ति दर्ज कराई है। संवेदक को कहने के बाद भी समस्या समाधान नहीं हुआ। अब उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगे।
शंकरलाल मेनारिया, उपसरपंच, ग्राम पंचायत मेनार

यहां पर बाधित है मार्ग
निर्माण के जिम्मेदारों ने सडक़ पर बने प्राकृतिक नालों वाली पुलियाओं पर पानी निकासी की जगह नहीं छोड़ी है। पुलिया विस्तारीकरण कार्य तो किए गए, लेकिन किसी भी जगह पर पुलिया चौड़ी करने का खाका नहीं बनाया गया। नवानिया चौराहे से मेनार तीन मुखी पुलिया तक बनी सडक़ के दोनों तरफ के बने नाले में मिट्टी डालकर चौड़ा किया जा रहा है। नाले पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। तीन मुखी पुलिया पर जल मार्ग बाधित होने, पुलिया की मिट्टी से लेवल सही नहीं होने से माल क्षेत्र का प्राकृतिक रूप बहाव क्षेत्र से आने वाला पानी तालाब में नहीं पहुंचेगा। मार्ग में बरसाती पानी निकासी वाले मार्ग पर खेतों में बनी छोटी पाल भी समस्या को जन्म दे रही है। पेट्रोलपंप के सामने आघरा मगरी में कच्चा मार्ग है, जहां पाइप के अभाव में पानी का मार्ग बदल रहा है।

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