उदयपुर में नौतपा के असर से तापमान बढ़ने लगा है। तेज धूप और लू के कारण दिन में सड़कें, बाजार और पर्यटन स्थल सूने नजर आए। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रहने और बाद में आंधी-बारिश से तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।
उदयपुर. लेकसिटी में एक बार फिर गर्मी के तेवर तीखे होने के आसार बन रहे हैं। नौतपा के चलते तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़त दर्ज की गई। ऐसे में दिन में गर्मी का अहसास फिर बढ़ गया। यही स्थिति रही तो आगामी दिनों में गर्मी और तेज होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम 26.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि, एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 28.5 डिग्री रहा था। ऐसे में दिन के पारे में एक डिग्री की बढ़ोतरी और रात के पारे में दो डिग्र की कमी आई है। औसत स्थिति देखें तो दिन का पारा औसत से 1.4 डिग्री ज्यादा हो गया है, वहीं रात का पारा औसत स्थिति में है।
पर्यटन स्थल, सड़कें व बाजार सूने
सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को आहत कर रखा है। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम रह रही है। गर्म हवा के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का असर पर्यटन स्थलों पर भी साफ दिखाई दिया। पिछोला किनारे दिन में पर्यटकों की संख्या नहीं के बराबर रही। जबकि शाम के समय लोग घूमने निकल रहे हैं।
वर्ष : नौतपा शुरू : तापमान
2026 : 25 मई : 41
2025 : 25 मई : 38
2024 : 24 मई : 43.5
2023 : 25 मई : 37.2
2022 : 25 मई : 40
मौसम पूर्वानुमान
इन दिनों चल रहे हीटवेव का दौर अगले 2-3 दिन जारी रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज रह सकता है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 मई से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां शुरू होने की प्रबल संभावना है। आंधी बारिश की गतिविधियों में 30 मई से और बढ़ोतरी होने तथा जून के प्रथम सप्ताह में भी कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती है। आंधी बारिश के असर से 29 मई से तापमान में 2 से 3 डिग्री गिरावट होने की प्रबल संभावना है।
नौतपा गर्मी के उस दौर को कहा जाता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और लगातार नौ दिनों तक तेज गर्मी पड़ती है। भारतीय ज्योतिष और मौसम विज्ञान में इसे वर्ष का सबसे अधिक गर्म समय माना जाता है। आमतौर पर यह अवधि मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक रहती है। मान्यता है कि नौतपा जितना प्रभावी होता है, उतनी ही अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ती है, क्योंकि तेज गर्मी से समुद्र में अधिक वाष्पीकरण होता है और मानसून को मजबूती मिलती है। इस दौरान तापमान बहुत बढ़ जाता है, लू चलती है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जैसे पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचना और हल्का भोजन करना।