बीकानेर

अब कोई नहीं बच पाएगा लिंग परीक्षण करने-कराने वालों को, कसेगा शिकंजा

एनएचएम के मिशन निदेशक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए सख्त निर्देश, सरहदी इलाकों में आशाओं के जिम्मे होगी निगरानी की कमान

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Oct 27, 2016
gender test

राजस्थान में लिंग परीक्षण करने और कराने वालों की अब खैर नहीं। राजस्थान में अब इस मामले में हर तरफ पूरी सतर्कता के साथ तगड़ी निगरानी रखी जाएगी। लिंग परीक्षण के लिए सरहदी क्षेत्रों ख़ासकर गुजरात के विभिन्न इलाकों में जाने वालों और तथा भू्रण लिंग परीक्षण करने-कराने वाले बिचौलियों, डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों तथा इससे जुड़े लोगों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

इस बारे में पीसीपीएनडीटी के राज्य समुचित अधिकारी व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नवीन जैन ने राजस्थान के विभिन्न जिलों के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभागीय अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गुरुवार को यह निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान उदयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक डॉ. आरएन बैरवा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव टांक, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रागिनी अग्रवाल, जिला कार्यक्रम समन्वयक जीएस राव, पीसीपीएनडीटी की जिला समन्वयक मनीषा भटनागरए आईईसी समन्वयक मधु अग्रवाल, आशा समन्वयक रेखा शर्मा सहित जिले के खण्ड कार्यक्रम समन्वयक एवं खण्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने लिंग परीक्षण की प्रभावी रोकथाक के बारे में जिले में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए सुझाव दिए।

आशाएं रखेंगी निगरानी

उन्होंने लिंग परीक्षण की रोकथाम के लिए जिले वार प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए और कहा कि इसके लिए सभी गांवों में सख्त निगरानी का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाए और आशाओं अथवा एएनएम के जरिये पूरी मुस्तैदी के साथ पैनी निगाह रखी जाए। उन्होंने बताया कि इसके लिए आशाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने आशाओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के सम्पर्क में रहें प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए उन पर कड़ी निगरानी रखें।

Published on:
27 Oct 2016 05:50 pm
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