
ड्यूटी के समय नदारद रहने वाले सफाईकर्मियों पर सख्ती के लिए नगर निगम जल्द ही बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके लिए निगम ने हेंडलिंग बायोमेट्रिक मशीनें खरीदी है। जिनमें मास्टर डेटा फीडिंग का कार्य किया जा रहा है। जैसे ही सभी कर्मचारियों के डेटा दर्ज हो जाएगा, इन मशीनों को संबंधित वार्डों के जमादारों को सौंपा जाएगा। जो सफाई कर्मियों की मशीन के जरिए हाजिरी लेंगे।
सफाईकर्मी मशीन को साथ लेकर वार्डों में जाएंगे और मौके पर ही सफाई कर्मियों की मशीन में थंब इम्प्रेशन लगवाकर हाजिरी ली जाएगी। शुरुआत में ट्रायल के तौर पर दोपहर की हाजिरी मशीन से ली जाएगी। उसके बाद दिन में चार बार सफाईकर्मियों की हाजिरी होगी। पहली हाजिरी सुबह 6 बजे सेक्टर ऑफिस में होगी। दूसरी सुबह 10 बजे वार्ड में ली जाएगी। तीसरी हाजिरी दूसरी पारी में दोपहर 2 बजे और चौथी हाजिरी शाम 5.30 बजे वार्ड में होगी।
कोरोना काल में लगी थी आंखों पर आधारित बायोमेट्रिक मशीन, नहीं चल पाई व्यवस्था
नगर निगम ने कुछ वर्षों इससे पहले भी बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था शुरू की थी। तब आंखों पर आधारित बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई। कर्मचारियों की शिकायत थी कि इससे मशीन से उनकी आंखों में जलन होती है। हालांकि इसके बाद कोरोना काल की वजह से भी यह व्यवस्था नहीं चल पाई।
सवाल यह भी
1. पुरानी मशीनों का क्या होगा
2. जमादार ईमानदारी से हाजिरी ले रहे हैं इसकी मॉनिटरिंग कैसे होगी
3. निगम और यूडीए क्षेत्र अलग-अलग होने के बाद सेक्टर एरिया कम हुआ है, ऐसे में यूडीए क्षेत्र की मॉनिटरिंग कैसे होगी
4. सफाई व्यवस्था के नाम पर एक दूसरे वार्ड में लगने वाले कर्मचारियों की हाजिरी का क्या होगा
-1700 सफाईकर्मी हैं शहर में
-70 वार्डों में होती है सफाई
-10 सेक्टर में बंटा है शहर
-15 लाख का बायोमेट्रिक का टेंडर रखरखाव समेत
-02 पारियों में होती है सफाई व्यवस्था
हाजिरी को लेकर उजागर हो चुका फर्जीवाड़ा
शहर में सफाई कर्मियों की उपिस्थति को लेकर पूर्व में फर्जीवाड़ा भी उजागर हो चुका है। इसके तहत ड्यूटी से गैर हाजिर रहने के बावजूद रुपए लेकर उनकी उपिस्थति दिखाने का मामला उजागर हुुआ था। जिसका मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। महापौर और उपमहापौर की ओर से निरीक्षण में भी इस तरह की गड़बडिय़ां सामने आई थी।
आने-जाने के समय में होगी बचत
दफ्तर में आकर मशीन से हाजिरी लगाने में सफाई कर्मियों का समय जाया नहीं हो, इसलिए इस बार हेंडलिंग बायोमेट्रिक डिवाइस मंगवाई गई है। शहर में सेक्टर ऑफिस से वार्डों की दूरी अधिक होने से सफाई कर्मियों का समय सफाई के बजाए आने - जाने में खराब ना हो इसके ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। सफाई कर्मियों की उपस्थति को लेकर गड़बडियां मिलती रही है। वे अपनी ड्यूटी पूरी करे इसके लिए बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी। इसके लिए मशीनों के टेंडर और वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। इसके जरिए दिन में चार बार हाजिरी ली जाएगी। सुबह और शाम दोनों पारी में आते और जाते वक्त हाजिरी होगी। - पारस सिंघवी, उपमहापौर एवं अध्यक्ष स्वास्थ्य समिति, नगर निगम, उदयपुर