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उदयपुर : छोटा बच्चा जान के …17.5 किलो का विराज उठा रहा 52 किलो वजन, बनाया रेकॉर्ड

5 साल 11 माह के विराज शर्मा ने महज 17.5 किलो वजन के बावजूद 52 किलो डेडलिफ्ट कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग में उसके नाम आठ रिकॉर्ड दर्ज हैं। विराज ने 42 किलो डेडलिफ्ट, 10 किलो बेंच प्रेस और 25 किलो स्क्वाट से सफर शुरू किया था। अब वह 52 किलो तक पहुंच चुका है। उसके रिकॉर्ड विभिन्न बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हैं। परिवार का लक्ष्य उसे भविष्य में ओलंपिक स्तर तक पहुंचाना है।
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viraj small weight lifter

विराज 

उदयपुर. जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं उसी में शहर का महज 5 साल 11 माह का विराज शर्मा वजन उठाकर देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। महज 17.5 किलो वजन वाले विराज ने पावर लिफ्टिंग में 52 किलो तक डेडलिफ्ट कर सबको चौंका दिया है। जिस 35 किलो भार में उसने रेकॉर्ड बनाया, उसे अब वह पीछे छोड़ चुका है।

विराज के पिता वैभव शर्मा कहना है कि वेट लिफ्टिंग और पावर लिफ्टिंग में वह सबसे कम उम्र का पुरुष (बच्चा) है, जिसने इस स्तर पर रेकॉर्ड बनाया है। उसके नाम दोनों खेलों से जुड़े आठ रेकॉर्ड हैं। इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड, द इन्फ्लुएंजर बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड, इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रेकॉर्ड सहित कई रेकॉर्ड संस्थाओं में उसका नाम दर्ज हुआ है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है।

42 किलो डेडलिफ्ट से सफर शुरू

विराज ने 5 साल 11 माह की उम्र में 42 किलो डेडलिफ्ट, 10 किलो बेंच प्रेस और 25 किलो स्क्वाट कर रेकॉर्ड बनाया। इसके बाद उसने 47 किलो और अब 52 किलो तक डेडलिफ्ट पहुंचा दिया है। करीब 5 साल 6 माह की उम्र में पिता उसे लवकुश इंडोर स्टेडियम ले गए, जहां प्रशिक्षक ओमप्रकाश पटेल ने प्रशिक्षण शुरू कराया। शुरुआत हल्के वजन से हुई और धीरे-धीरे 20, 30 और 40 किलो तक भार बढ़ाया गया। विराज को वेट लिफ्टिंग का माहौल घर से ही मिला। पिता खुद वेट लिफ्टर रहे हैं। घर में रखे मेडल देखकर विराज भी इस खेल की ओर आकर्षित हुआ।

राज्यपाल से मिले, सीएम ने जयपुर बुलाया

विराज की प्रतिभा की चर्चा अब शहर से बाहर भी है। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया उससे मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जयपुर से बुलावा भी आया है। पिता के अनुसार, अगले तीन-चार साल में उसे कर्णममल्लेश्वरी की अकादमी में प्रशिक्षण दिलाने की योजना है। खेल अकादमी की ओर से भी अवसर का प्रस्ताव मिला है। परिवार का लक्ष्य उसे भविष्य में ओलंपिक स्तर तक पहुंचाना है।

स्कूल के बाद जिम, डाइट में दूध-पनीर-चने

विराज सेंट पॉल स्कूल की एचकेजी कक्षा में पढ़ता है। शाम करीब चार बजे जिम पहुंचता है और पौने छह बजे तक अभ्यास करता है। उसकी डाइट में दूध, पनीर, चने और प्रोटीन युक्त शाकाहारी भोजन शामिल है। स्ट्रेचिंग और योग भी उसकी दिनचर्या का हिस्सा हैं। पिता का कहना है कि वजन धीरे-धीरे उसकी क्षमता के अनुसार बढ़ाया गया। विराज जुड़वां है। उसकी बहन वर्णिका भी योग सीख रही है। यानी दोनों भाई-बहन छोटी उम्र से ही खेल और फिटनेस से जुड़े हैं।