
उदयपुर। उमरड़ा खेड़ा गांव में बुधवार सुबह पैंथर ने महिला समेत 5 लोगों पर हमला कर दिया। पैंथर आबादी क्षेत्र के पास घात लगाए बैठा था। सुबह जैसे ही ग्रामीण घरों से निकले तो पैंथर झपट पड़ा। एक के बाद एक पांच जनों को घायल कर दिया। पहाड़ी क्षेत्र होने से पगडंडी रास्ते से आबादी क्षेत्र में जाया जाता है। ऐसे में घायलों को मुख्य सड़क तक लाने में मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों ने घायलों को खाट पर डालकर सड़क तक पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक पैंथर के हमले में जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम, कालू (40), लोगरी बाई (45) घायल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि जग्गा, हितेश और कालू ने करीब 5 मिनट तक पैंथर से संघर्ष किया। हल्ला होने पर लोग दौड़ पड़े तो पैंथर जंगल में भाग गया। ग्रामीणों ने घायलों को पहले निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से एमबी अस्पताल भेजा गया। घायलों का उपचार जारी है। इससे पहले मंगलवार शाम को लोगर लाल पुत्र जग्गा मीणा पर पैंथर ने हमला किया था।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आबादी के आसपास पैंथर का मूवमेंट बना हुआ है। हमले की जानकारी पर गिर्वा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय, पटवारी महेंद्र सिंह चौहान अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
पहला हमला : मंगलवार देर शाम को हुआ था, जिसमें पैंथर ने एक युवक को घायल कर दिया था। ग्रामीणों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और अगली सुबह सामान्य रूप से शुरू हुई।
दूसरा हमला: बुधवार सुबह 6 बजे पैंथर ने फिर हमला किया और तीन लोगों को घायल कर दिया था। ऐसे में दहशत हो गई, लेकिन पैंथर के भागने से फिर लोग सहज हो गए।
तीसरा हमला: बुधवार सुबह हमले के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी किया था। ग्रामीणों ने मान लिया कि पैंथर अब नहीं आएगा, लेकिन दोपहर 1 बजे फिर महिला पर हमला किया।
डीएफओ डीके तिवारी ने बताया कि वन विभाग की टीम ने पैंथर का रेस्क्यू करने की तैयारी कर दी। मौके पर पिंजरे भी लगाए और टीम तैनात की गई हैं। ऐसे में तय किया गया है कि पैंथर के पकड़े जाने तक यहां के निवासियों को अन्यत्र सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए। यहां करीब 10 घरों की बस्ती में लोग रहते हैं।