फलासिया- सरकारी कार्यालयों में कार्मिकों की लापरवाही का आलम शुक्रवार को झाड़ोल विद्युत निगम कार्यालय में देखने को मिला ।
फलासिया- सरकारी कार्यालयों में कार्मिकों की लापरवाही का आलम शुक्रवार को झाड़ोल विद्युत निगम कार्यालय में देखने को मिला । उपभोक्ताओं के लगातार ज्यादा राशि वाले विद्युत खपत बिल की समस्या लेकर पहुंचे विधायक के सामने भी कार्यालय की हालत चौंकाने वाली मिली । एक उपभोक्ता जिसको निगम लगातार बिल भेज रहा था उसके घर पर अब तक कनेक्शन तक नहीं हुआ हैं वहीं निगम कार्यालय परिसर में ही दलाल द्वारा ट्रान्सफार्मर के बदले उपभोक्ताओं से वसूली करने का मामला भी सामने आ गया । विधायक व एईएन की दखलंदाजी के बाद दलाल ने पैसे तो उपभोक्ता को लौटा दिए किंतु एईएन द्वारा इस गंभीर मामले में भी कोई कार्यवाहीं नहीं करना आपसी मिलीभगत की ओर ही ईशारा करते नजर आते हैं।
मामला झाड़ोल उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता कार्यालय का हैं । फलासिया क्षेत्र के कई गरीब उपभोक्ताओं को भारी विद्युत खर्च बिल मिलने की शिकायतों के साथ झाड़ोल विधायक हीरा लाल दरांगी कांग्रेस नेता हिम्मत जन्नावत के साथ निगम कार्यालय पहुंचे । वहां मौजूद सहायक अभियंता अंकुर कश्यप को उन्होंने अपने साथ लाए बिलों का पुलिंदा थमाते हुए मीटर रिडरों द्वारा बगैर मौके पर जाए ही मनमर्जी से विद्युत खपत दर्शाने के आरोप लगाए जिस पर एईएन कश्यप विधायक के आरोपों को नकारते रहे । विधायक ने एक-एक कर एक दर्जन से ज्यादा उपभोक्ताओं के बिलों की जांच करवाई जिसमें से ज्यादातर के मीटर बंद पडे हुए थे या जल गए थे जिसके चलते निगम द्वारा गत वर्ष के औसत खर्च के आधार पर बिल भेजने की बात सामने आई ।
इसके अलावा दो उपभोक्ताओं को भेजे गए पन्द्रह हजाररूपए से ज्यादा के बिलों की जांच करवाने पर महज छ: सौ रूपए का ही बिल होने की बात सामने आने पर विधायक ने जमकर लेखा कार्मिकों को भी फटकार लगाई । विधायक ने बंद पडे मीटरों को बदलने के साथ ही मीटर रिडरों को मौके पर जा वास्तविक खर्च ही दर्शाने के निर्देश दिए ।
बिल भेज रहे, कनेकशन तक नहीं हुआ
विधायक के साथ ही समस्या लेकर आए सिगरी निवासी प्रभु लाल पुत्र हुरजी ने अपने घर विद्युत कनेक्षन नहीं होने के बावजूद विभाग द्वारा बिल भेजने की समस्या रखी जिस पर एईएन उपभोक्ता को ही धमकाते हुए बात मानने तक को तैयार नहीं था । विधायक की दखलंदाजी पर एईएन ने लाईनमेन से मोबाईल पर बात की व बिल जमा नहीं होने के कारण लाईनमेन मीटर व केबल तक ले आने का जवाब देने लगे । स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने स्वयं ही सीधे लाईनमेन प्रकाश से मोबाईल लाउडस्पीकर पर रख कर बात की तो उसने इस उपभोक्ता के घर पर कनेक्षन नहीं होने की बात कही । जिस पर विधायक आक्रोशित हो गए व एईएन को झुठी बातें करने की बात कहते हुए खुब खरी खोटी सुनाई ।
क्वादर के उपभोक्ता से ट्रान्सफार्मर के बदले की ५००रूपए की अवैध वसूली
विधायक की चर्चा के दौरान ही कई लोग जमा हो गए और निगम कार्यालय में हर छोटे-बडे काम के बदले अवैध वसूली करने के आरोप लगाने जिनका एइ्रएन कश्यप विरोध कर रहे थे । इसी दौरान पीपलबारा पंचायत के क्वादर गांव से आए उपभोक्ता ने बताया कि कुछ मिनिट पहले ही ट्रान्सफार्मर लेने के दौरान उससे एक कर्मचारी ने पांच सौ रूपए वसूल कर लिए । एईएन कश्यप द्वारा इस आरोप पर भी ना-नुकुर करने पर विधायक उपभोक्ता को साथ लेकर ट्रान्सफार्मर आवंअन स्थल की ओर चल पडे जिस पर वहां मौजूद डेढ सौ से ज्यादा ग्रामीण व एईएन भी साथ हो लिए । उपभोक्ता ने वहां मौजूद एक युवक की ओर ईशारा किया जिससे हकपकाएं युवक ने पांच सौ रूपए लेने की बात स्वीकार करते हुए हाथोहाथ उपभोक्ता को वो राशि लौटा दी । एकाएक हुए इस घटनाक्रम से वहां हर कोई अचंभित रह गया हालांकि एईएन कश्यप ने उस युवक के निगमकर्मी नहीं होने की बात कही जिस पर विधायक सहित ग्रामीण ओर ज्यादा गुस्से में भर गए । विधायक ने किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा निगम काया्रलय परिसर में ट्रान्सफार्मर के बदले अवैध वसूली कर लेने की हिम्मत स्थानीय अध्किारीयों की मिलीभगत होने के बगैर होना असंभव बताते हुए एईएन पर ही प्रश्र चिन्ह लगा लिए ।
दलालों के मार्फत होती हैं हर काम की वसूली
विधायक बोले ताला लगाना पडेगा घटनाक्रम के अंत तक वहां मोजूद ग्रामीणों का आक्रोश बुहत ज्यादा बढ़ गया था । ग्रामीणों ने एईएन की मौजूदगी में ही विधायक को बताया कि झाड़ोल निगम कार्यालय में कनेक्षन की फाईल जमा करवाने, मीटर बदलवाने, ट्रान्सफार्मर लेने, बिल की जांच करने सहित सभी काम अवैध वसूली के बाद ही किए जाते हैं । यदि उपभोक्ता पैसा नहीं दे तो उसको ईतने ज्यादा चक्कर लगवाए जाते हैं किं अंत में मजबूर होकर उसे पैसा देना ही पडता हैं । ये सारे काम निगम परिसर में ही अवैतनिक कर्मचारीयों की तरह मौजूद रहने वाले दलालों द्वारा की जाती हैं और हंगामा होने पर अधिकारी उसे बाहरी व्यकित बताते हुए अपना पल्ला झाड लेते हैं । विधायक ने एईएन अंकुर कश्यप को कार्यशैली नहीं सुधारने पर कार्यालय के ताला लगाने की कडी चेतावनी दी और रवाना हो गए ।