
मोहम्मद इलियास / उदयपुर . आदिवासियों के फर्जी बीमे क्लेम के मामले का राजस्थान पत्रिका की ओर से भंडाफोड़ करने के बाद नित्य नए खुलासों पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अब जांच स्पेशल ऑपरेशन गु्रप (एसओजी) जयपुर को सौंप दी है। मामले में अब तक पुलिस ने सिर्फ बैंक, बीमा कंपनियों से दस्तावेज का संकलन किया लेकिन आरोपित उनकी पकड़ से बाहर हैं।
एसओजी आईजी दिनेश एम.एन.ने बताया कि फर्जी बीमा क्लेम मामले में शीघ्र ही उदयपुर पुलिस से सम्पर्क कर अब तक पड़ताल के संबंध दस्तावेज लिए जाएंगे। बाद में एसओजी टीम इस पर पड़ताल करेगी। गृहमंत्री कटारिया ने अफसोस जताते हुए कहा था कि मामला काफी बड़ा है, इसकी एसओजी से जांच करवाएंगे। जयपुर पहुंचने के बाद कटारिया ने जांच एसओजी के सुपुर्द कर दी।
गृह मंत्रालय से एसओजी को इस संबंध में पत्र भिजवा दिया गया। राजस्थान पत्रिका ने गत 30 मार्च के अंक में ‘जिनके खाने के लाले उनके नाम पर उठा लाखों का बीमा क्लेम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इस पर पुलिस ने जांच कर चोकडिय़ा (नाई) निवासी पुष्पा पत्नी रामा गमेती की रिपोर्ट पर आरोपितों मेल नर्स डालसिंह, दलाल रमेश चौधरी, बीमा एजेन्ट दिलीप मेघवाल व पूर्व उप सरपंच शंकरलाल के विरुद्ध मामला दर्ज किया था।
संभागीय आयुक्त ने राज्यपाल को भेजी रिपोर्ट
फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद राज्यपाल ने संभागीय आयुक्त से रिपोर्ट तलब की थी। आयुक्त ने पुलिस के तफ्तीश के आधार पर की पड़ताल की रिपोर्ट राज्यपाल को प्रेषित की। रिपोर्ट में स्पष्ट खुलासा किया गया कि आदिवासी परिवारों के साथ सरकारी योजनाओं का प्रलोभन देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नाई के मेल नर्स डालसिंह ने लाखों रुपए के बीमे क र रा शि में ग ड़ ब डि य़ां की।