
धीरेन्द्र जोशी / उदयपुर . जगदीश मंदिर की परिक्रमा में उखड़ रहे पत्थरों के मामले को लेकर देवस्थान विभाग ने नगर निगम को पत्र लिखा है। इसमें मंदिर की परिक्रमा में उखाड़े गए प्लस्तर और इससे होने वाले नुकसान के बारे में अवगत करवाते हुए इस कार्य को मानसून पूर्व पूरा करने का अनुरोध किया गया है। देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त जतीन गांधी ने बताया कि जगदीश मंदिर में हुए कार्य का निरीक्षण सक्षम अधिकारी से करवाया।
इसके बाद नगर निगम के ईओ को पत्र लिखा है। इसके अलावा नगर निगम के अधिशासी अभियंता से भी बात की थी। उन्हें बताया कि ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड कर दिया है तो किसी अन्य फर्म से कार्य करवाया जाए। यह कार्य धरोहर संरक्षण के तहत आता है। घुटाई हटाने से मानसून में सीधा पानी दीवारों में समाएगा। विभागीय स्तर पर भी इस कार्य को जल्द से जल्द करवाने का प्रयास किया जाएगा।
यह है मामला
शहर की आस्था के प्रमुख केंद्र जगदीश मंदिर में स्मार्ट सिटी के कार्यों में धरोहर संरक्षण के तहत जीणोद्धार कार्य करवाया जाना था। इस कार्य को जिस ठेकदार फर्म को दिया गया। उसका कार्य आशानुरूप नहीं था। ऐसे में ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड कर दिया गया। इधर फर्म द्वारा छेड़ा गया कार्य अन्य ठेकेदार से भी पूरा नहीं करवाया गया। ऐसे में आधे-अधूरे कार्य से मंदिर को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने 4 मई के अंक में ’आस्था की दीवारों में दरार, उखडऩे लगे पत्थर’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद देवस्थान विभाग और नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए और मंदिर की सुध लेने लगे। इसके बाद ही दोनों महकमों के अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण किया।