
PM Relief Scheme : सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर इलाज खर्च की चिंता होती है। कई बार परिजन अस्पताल पहुंचने से पहले पैसों के इंतजाम में लग जाते हैं। कई बार एडवांस जमा नहीं होने से घायल एक से दूसरे अस्पताल जाता है, इस देरी में कई बार 'गोल्डन ऑवर' निकल जाता है। इस स्थिति को बदलने को केंद्र ने पीएम राहत योजना लागू की है। इसमें सड़क दुर्घटना के घायल को हादसे की तारीख से अधिकतम सात दिन तक 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन की तैयारियां कर ली है। सरकारी व पंजीकृत निजी अस्पतालों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
शहर, नेशनल हाईवे-27, डबोक मार्ग, बाईपास और जिले की प्रमुख सड़कों पर हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती है। दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी गोल्डन ऑवर में उपचार मिल जाए तो जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।
पूरी प्रक्रिया डीएआर और टीएमएस 2.0 डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी, जिससे भर्ती, इलाज और भुगतान में देरी नहीं होगी। 112 हेल्पलाइन से तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी, 24 से 48 घंटे में पुलिस सत्यापन होगा। इलाज का खर्च मोटर वाहन दुर्घटना कोष वहन करेगा।
योजना के तहत अस्पतालों को सामान्य और आपातकालीन श्रेणियों में मरीज को पोर्टल पर दर्ज कर भर्ती करने का प्रावधान किया गया है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति की पहचान तत्काल नहीं होती है, तब भी अस्पताल, सीमित उपलब्ध जानकारी के आधार पर पोर्टल पर मरीज का पंजीकरण कर आवश्यक उपचार किसी प्रकार की देरी किए बिना शुरू कर देगा। घायल या परिजनों को शुरुआती इलाज के लिए पैसे जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। 7 दिन तक अधिकतम 15 लाख रुपए तक का उपचार पूरी तरह कैशलेस रहेगा।
बड़ी संख्या में लोगों को जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पुलिस, 108 एम्बुलेंस, ट्रैफिक पुलिस, अस्पताल और आमजन तक योजना की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कई मौतों को रोका जा सकता है।
पीएम राहत योजना से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर में बिना आर्थिक बाधा के उपचार मिलेगा। जिले के अस्पतालों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आमजन दुर्घटना की स्थिति में बिना देरी घायल को निकटतम अधिकृत अस्पताल पहुंचाएं।
डॉ. अशोक आदित्य, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उदयपुर